झांसी में कोतवाली की जिम्मेदारी संभाल रहे दारोगा जेपी यादव का आतंक पत्रकारों पर लगातार बढ़ता जा रहा है. अब तक चार पत्रकारों को जेल भेज चुका यह दारोगा अब पूरे घटनाक्रम के गवाह पत्रकारों पर दबाव बनाने के लिए उनके घरों पर पुलिस और कोबरा के जवानों को लगातार भेज रहा है ताकि दबाव में आकर पत्रकार इस मामले से हट जाएं या गलत बयानी कर दें. बताया जा रहा है कि जेपी यादव शिवपाल यादव का नजदीकी रिश्तेदार है, जिसके चलते एसपी-डीएम भी इसके खिलाफ कुछ बोलने और करने से कतराते हैं.
सत्ता के मद में चूर जेपी यादव ने पहले अमित श्रीवास्तव को जेल भेजा. इसके बाद भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकारों को आपस में उलझा कर तीन अन्य पत्रकारों को भी जेल भिजवा दिया. अब इस पूरे मामले के गवाह पत्रकारों पर भी दबाव बनाया जा रहा है. सूत्रों का कहना है कि सी न्यूज के पत्रकार इमरान तथा लाइव इंडिया के पत्रकार जावेद के घर लगातार पुलिस किसी ना किसी बहाने पहुंच रही है. लगातार पुलिस के पहुंचने से इन दोनों पत्रकारों के परिवार वाले काफी डरे और सहमे हैं.
पुलिसकर्मी कभी नाम पता पूछते तो कभी कोई बात पूछते इन दोनों पत्रकारों के घर पर पहुंच रहे हैं. इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि इन दोनों पत्रकारों पर इतना दबाव बनाया जा रहा है ताकि ये लोग खुद को इस मामले से अलग कर लें और सारे प्रकरण का कारण बने दारोगा जेपी यादव को सभी आरोपों से बरी हो जाने का मौका मिल सके. इस मामले में झांसी के पुलिस प्रशासन के रवैये से अब आम लोगों में भी नाराजगी फैल रही है, लेकिन दारोगा के आतंक से फिलहाल कोई बोल नहीं रहा है. सूत्रों का कहना है कि अब कुछ पत्रकार लखनऊ में इस पूरे मामले को उठाने की तैयारी कर रहे हैं.