अमेठी। पत्रकार अरविंद शुक्ल पर केंद्रित पुस्तक ‘अरविंद की यादें’ का लोकार्पण गुरुवार को स्थानीय गेस्ट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार सुभाष राय व साहित्यकार शिवमूर्ति ने किया। ‘कल वो जमीं पर रहता था, अब अंबर का बाशिंदा है, मौत उसे क्या मारेगी, वो जिंदा था, वो जिंदा है।’ वरिष्ठ पत्रकार राज खन्ना ने मनोज मुंतशिर द्वारा खासतौर पर अरविंद के लिए लिखी गईं इन पंक्तियों को सुनाया तो पूरा हॉल गमगीन हो गया।
अरविंद शुक्ल की जयंती पर गुरुवार को अरविंद न्यास स्मृति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में ‘अरविंद की यादें’ पुस्तक के लोकार्पण मौके पर लोगों ने अरविंद से जुड़ी यादों को साझा किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ पत्रकार सुभाष राय ने कहा कि अरविंद की लेखन शैली ने उन्हें कम उम्र में लोकप्रिय बना दिया। ऐसे लोगों का जाना समाज के लिए अपूर्णनीय क्षति है।


साहित्यकार शिवमूर्ति ने कहा कि अरविंद आम आदमी के साथ समाज के बेसहारा लोगों के लिए अंत समय तक जूझते रहे। छोटी सी उम्र में ही अरविंद ने जो काम किया वो लोगों के लिए एक सपना होता है। वरिष्ठ पत्रकार राज खन्ना ने कहा कि छोटी सी जगह पर अरविंद ने कम उम्र में जो मुकाम हासिल किया वह कम लोगों को नसीब होता है। इससे पहले उपस्थित लोगों ने अरविंद के चित्र के समक्ष पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में शिवमूर्ति शुक्ल, राममूर्ति शुक्ल, पं. जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी, मुन्ना सिंह त्रिसुंडी, दीपक सिंह, राजेश अग्रहरि, साहित्यकार, शिक्षाविद समेत अरविंद के परिजन शामिल रहे।





