वेस्ट यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में दो समुदायों के बीच पिछले एक सप्ताह से सुलग रही हिंसा की चिंगारी ने आज बड़ा रूप ले लिया. शहर कोतवाली क्षेत्र के मौहल्ला अबूपुरा में आईबीएन-7 के पत्रकार राजेश वर्मा की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई. हिंसा में अन्य स्थानों पर भी पांच अन्य लोगों की मौत हो गई है. बताया जाता है कि हिंसा में एक फोटोग्राफर इसरार अहमद की भी मौत हो गई. इस साम्प्रदायिक हिंसा में कई अन्य जगह भी लोगों के मरने व भारी मात्रा में घायल होने की सूचना मिल रही है. जनपद में जगह-जगह हो रही हिंसक घटनाओं में जानमाल का काफी नुकसान हो रहा है. जिला प्रशासन ने नगर के तीनों थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाने के साथ ही पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों की गश्त तेज कर दी है.
उपरोक्त तस्वीर में साफ दिख रहा है कि राजेश वर्मा के सीने में दंगाइयों ने गोली उतार दी है. नीचे राजेश वर्मा की एक पुरानी तस्वीर.
फेसबुक पर SK Chaudhary Sonu ने जो विवरण दिया है, वह इस प्रकार है: यूपी के मुजफ्फरनगर मे पिछले एक हफ्ते से जारी सांप्रदायिक तनाव मे आज 5 लोगों के साथ आईबीएन7 के एक पत्रकार की मौत हो गई, दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि दंगे की खबर एक पत्रकार साथी के मौत के बाद न्यूज चैनलों पर चली जबकि एक हफ्ते पहले ही 3 लोगों की मौत हुई थी । बावजूद इसके एक सवाल की 2002 गुजरात के लिए "दंगा" शब्द का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए मुजफ्फरनगर मे "हिंसक झड़प" शब्द कयों ? मीडिया ने पिछले एक सालों मे यूपी मे हुए दंगे को लेकर हमेशा नर्म रुख अपनाया है कि कहीं सदभाव ना बिगड़ जाए..
संबंधित खबरें…
—
—
—
—