गोरखपुर : जिला प्रशासन ने विधान सभा चुनाव में मीडिया से सहयोग की अपेक्षा की है। खासतौर से पेड न्यूज को लेकर वार्ता की गई। गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निर्वाचन अधिकारी संजय कुमार ने पेड न्यूज को लेकर निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेड न्यूज पर नजर रखने के लिए तीन सदस्यीय समिति होगी, जो चुनाव से संबंधित सभी खबरों पर नजर रखेगी।
निवार्चन अधिकारी ने बताया कि आयोग के निर्देश के अनुसार पेड न्यूज पर निगरानी का आशय ऐसी खबरों से है, जो मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए किसी पार्टी या विशेष प्रत्याशी की प्रशस्ति करते हुए अथवा विपक्षी दलों की निंदा करते हुए न्यूज आर्टिकल या रिपोर्ट के रूप में दी जाती है, ऐसी खबरों को प्रकाशित करने से बचना है।
उन्होंने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 127 (क) के अंतर्गत विज्ञापन, पैम्फलेट आदि के प्रकाशक अथवा मुद्रक का नाम-पता छापना जरूरी होगा। ऐसा न करने पर दो हजार तक का जुर्माना और दो साल की सजा हो सकती है। भारतीय दंड संहिता की धारा 171 (एच) के अनुसार चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी की अनुमति के बिना विज्ञापन व्यय प्रतिबंधित होगा। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखने के लिए व्यय प्रेक्षक भी मौजूद रहेंगे। साथ ही अगर प्रत्याशी चाहेंगे तो एक अपना खर्च एजेंट भी रख सकेंगे।





