: एक आवश्यक सूचना एवं विनम्र निवेदन : बहुत से मित्रों को याद होगा कि कुछ साल पहले दूरदर्शन पर एक अत्यधिक लोकप्रिय कार्यक्रम प्रसारित होता था, जिसका नाम था 'सुबह सवेरे'। इसमें हर शुक्रवार को सुप्रसिद्ध समालोचक डा. नामवर सिंह के साथ साहित्यिक चर्चा प्रस्तुत की जाती थी। इस खंड में हम एक साहित्यिक कृति की समीक्षा करते थे, जिन्हें दर्शक तो पसंद करते ही थे, साहित्यिक हल्कों में भी वे बेहद गंभीरता से ली जाती थीं।
कुछ समय पहले हमने ये सोचा कि क्यों न लगभग चार साल तक प्रसारित हुई इन समीक्षाओं को पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया जाए, क्योंकि ये एक साहित्यिक दस्तावेज़ की तरह भी हैं। लेकिन अफसोस कि जब काम शुरू किया तो पता चला कि हमारे पास कुछ ही कड़ियों की रिकॉर्डिंग है।
मुझे याद है कि उस समय मुझे कई लोगों ने बताया था कि वे इस कार्यक्रम को रिकॉर्ड करते हैं। एक-दो पत्रकार बंधुओं ने ये भी बताया था कि वे इन समीक्षाओं को हू ब हू अख़बारों में भी छापते हैं। मेरा आप सबसे निवेदन है कि अगर आपके संपर्कों में ऐसे लोग हैं तो उनसे कहें कि ये सामग्री हमें उपलब्ध करवाकर सहयोग करें। इस सूचना एवं निवेदन को अगर अपने वॉल पर या जहाँ-जहाँ भी संभव हो, शेयर करेंगे तो ये जानकारी और लोगों तक भी पहुँचेगी और मुझे भरोसा है कि सबके सहयोग से ये महत्वपूर्ण काम संपन्न हो सकेगा।
धन्यवाद्
मुकेश कुमार
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