Anand Pradhan : ‘भारत मां के शेर’ नरेन्द्र मोदी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बहुत दहाड़ते रहते हैं. भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए उनकी गुजरात की ‘ड्रीम टीम’ की ओर से पेश और विधानसभा द्वारा पारित लोकायुक्त आयोग विधेयक में यह प्रावधान किया गया है कि जांच के दौरान उससे संबंधित कोई जानकारी मीडिया को नहीं दी जाएगी. यही नहीं, इस ‘ड्रीम कानून’ में प्रावधान है कि लोकायुक्त जांच के दौरान अगर किसी पत्रकार ने उससे संबंधित खबर छापी या दिखाई तो उसे दो साल तक की सजा हो सकती है.
इस नए कानून के मुताबिक, लोकायुक्त पांच साल से पुराने मामले की जांच नहीं कर सकते हैं. लोकायुक्त का चुनाव भी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक समिति करेगी. हालाँकि कहने को लोकायुक्त मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों और अधिकारियों की जांच कर सकेंगे लेकिन अगर सरकार चाहे तो ‘जनहित’ में किसी भी मंत्री और अधिकारी को जांच के दायरे से बाहर कर सकती है. साथ ही, भ्रष्टाचार की शिकायत करनेवाले को दो हजार रूपये की फ़ीस जमा करनी होगी और शिकायत झूठी पाए जाने पर शिकायतकर्ता को छह महीने की जेल की सजा और २५ हजार रूपये का जुर्माना भरना होगा. याद रहे गुजरात में वर्ष २००३ से लोकायुक्त नहीं है. यह है भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ‘भारत माँ के शेर’ की असलियत!
वरिष्ठ विश्लेषक और आईआईएमसी के शिक्षक आनंद प्रधान के फेसबुक वॉल से.





