सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि आयकर विभाग के कुछ अधिकारियों ने कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया को करोड़ो रुपए का फायदा पहुंचाया है। सीबीआई के मुताबिक टैक्स से संबंधित कागजात में छेडछाड़ कर नीरा राडिया को जानबूझकर करोड़ो रुपए की मदद पहुंचाई गई है। टीएनएन के मुताबिक नीरा राडिया के तरफ से की गई करीब 72,000 फोन कॉल की जांच करने के बाद सीबीआई इस नतीजे पर पहुंची है।
इस मामले से संबंधित गोपनीय रिपोर्ट को अतिरिक्त सॉलिस्टिर जनरल पारस कुहद ने सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जीएस सिंघवी और वी गोपाल गोडा को सौंप दी है। सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की तरफ से पैरवी करते हुए अतिरिक्त सॉलिस्टिर जनरल एल नागेश्वर राव ने कहा कि चार अक्टूबर को पेश की गई सीबीआई रिपोर्ट में तीन फोन कॉल पर उंगली उठी है। इन फोन कॉल से साफ होता है कि आयकर विभाग के अधिकारियों ने नीरा राडिया को करोड़ो रुपए की मदद गलत तरीके से की है।
इस मामले की अगली सुनवाई 18 अक्टूबर को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि अगली सुनवाई में इस मामले में टेलीफोन कॉल के इंटरसेप्ट सुने जाएंगे। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि तब तक इस मामले से संबंधित किसी भी अधिकारी का तबादला और पदोन्नति न की जाए। आईटी विभाग की तरफ से किए जाने वाले फोन टैपिंग मामले में यह बात सामने आई थी कि गैर कानूनी रूप से नीरा राडिया ने अपने टैक्स मामले में अपनी जिम्मेदारी घटाने के लिए आयकर आधिकारियों की मदद ली थी।
इसे भी पढ़ें और राडिया के टेप सुनें…
राडिया टेप में रेलवे बोर्ड सदस्यों की नियुक्ति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मसले भी





