मुंगेर (बिहार) : मुंगेर सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सकों ने जिस मरीज को ब्रेन-हैमरेज के आघात के बाद कुछ घंटों का मेहमान बताया, वह मरीज तीन वर्षों तक मृत्यु से सफलता पूर्वक संघर्ष करती रहीं। चिकित्सकों ने मरीज को ईश्वर की दया पर छोड़ देने की सलाह दी थी। लेकिन मरीज के पति, पुत्र, पुत्र-वधू, समाजसेवी और पैरामेडिकल स्टाफ ने स्वयं चिकित्सक की भूमिका निभाई और अभूतपूर्व सफलता हासिल की।
बात हो रही है मुंगेर की वयोवृद्ध महिला पत्रकार सावित्री देवी की। उनकी मृत्यु कल हुई। वह 81 वर्ष की थीं। वह हिन्दी दैनिक 'प्रदीप' के लिए मुंगेर जिला संवाददाता के रूप में वर्ष 1965 से 1986 तक कार्यरत रहीं। वह मुंगेर के वरिष्ठ पत्रकार और अधिवक्ता काशी प्रसाद की धर्मपत्नी थीं। वह अपने पीछे चार पुत्र श्रीकृष्ण प्रसाद (अधिवक्ता), पी. संजय (ज्योतिषाचार्य), अजय कुमार (अधिवक्ता) और बिजय कुमार (सरकारी सेवक) समेत भरापूरा परिवार छोड़ गईं हैं। उनका दाह-संस्कार हिन्दू-रीति रिवाज के साथ सम्पन्न हो गया। मुखाग्नि कनिष्ठ पुत्र बिजय कुमार ने दी।






