आरटीआई कार्यकर्ता डॉ. नूतन ठाकुर ने आज प्रमुख सचिव, प्रशासनिक सुधार विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिख कर सूचना आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया के सम्बन्ध में जानकारी मांगी है. पत्र में उन्होंने कहा है कि कि उनके पति आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने भी आवेदन किया था जिसमे उन्होंने वांछित शपथपत्र तथा रुपये दो हज़ार का बैंकर चेक भी भेजा था.
डॉ. ठाकुर के अनुसार जो आठ लोग इस पद हेतु चयनित किये गए हैं उनमे उनके पति का नाम नहीं है, जो उनकी दृष्टि में सही नहीं है क्योंकि वे इस पद हेतु पूर्णतया उपयुक्त थे. अतः उन्होंने उन सभी तथ्यों को बताने को कहा है जिनके आधार पर ये आठ लोग चयनित किये गए हैं और उनके पति श्री ठाकुर और अन्य लोग चुने जाने योग्य नहीं समझे गए हैं.
उन्होंने कहा कि चूँकि वे स्वयं पारदर्शिता के क्षेत्र में कार्य करती हैं, अतः वे कभी नहीं चाहेंगी कि सूचना आयुक्त के पद पर गलत तरीके से नियुक्ति हो और यदि उन्हें तीस दिनों में वांछित सूचना नहीं मिलती है तो वे इस सम्बन्ध में कोर्ट जाने को बाध्य होंगी.





