सुधीर चौधरी और समीर अहलूवालिया पर मुकदमा न चलाए जाने की सारी कवायदों पर दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने पानी फेर दिया है. कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ी खबर प्रसारित न करने के बदले में कथित रूप से 100 करोड़ रुपये की उगाही के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा ने ने कहा कि मामले में पुलिस द्वारा दायर चार्जशीट रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों पर मुकदमा चलाया जा सकता है.
इससे पहले मुख्य महानगर दंडाधिकारी अमित बंसल ने पुलिस चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इन्कार करते हुए दोबारा जांच के आदेश दिए थे. इनका कहना था कि इस मामले में पुलिस के पास मुकदमा चलाने लायक सुबूत नहीं हैं. तब पुलिस ने इस फैसले को सत्र अदालत में चुनौती दी.
पटियाला हाउस कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेश शर्मा के आदेश के बाद सुधीर और समीर पर मुकदमा चलने का रास्ता साफ हो गया है. पुलिस ने 2 अक्टूबर 2012 को कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल की कंपनी जेएसपीएल की शिकायत पर जी न्यूज चैनल समूह के संपादक सुधीर चौधरी और बिजनेस हेड समीर अहलूवालिया के खिलाफ साजिश रचने व वसूली करने का मामला दर्ज किया था.
शिकायत में कहा गया था कि आरोपियों ने कोल ब्लॉक आवंटन से संबंधित खबरें नहीं दिखाने के लिए सौ करोड़ रुपये की मांग की. जब रुपये देने से इन्कार कर दिया गया तो कंपनी के खिलाफ दुर्भावना से प्रेरित होकर कई खबरें जी न्यूज और जी बिजनेस पर प्रसारित की गईं.






