''जागरण छोड़ो, दूना लो'' की नीति पर चलने वाले जनसन्देश टाइम्स के आने पर गोरखपुर मंडल के पत्रकारों की पौबारह है. सभी के उचित दाम लगने लगे हैं. जिस शैलेन्द्र मणि ने जागरण में रह कर पत्रकारों का कम दाम लगाया, वही अब इज्जत और सम्मान दे रहे है. जिला प्रभारियों से यहाँ तक कहा गया है कि लोकल स्तर के भी जागरण के प्रतिनिधियों और तहसील के प्रभारियों को भी तोड़ो. उनका उद्देश्य है कि जागरण का पूरा स्ट्रक्चर ढह जाए.
गोरखपुर मंडल में दैनिक जागरण और जनसन्देश टाइम्स की जंग चल रही है. इसका सबसे जयादा फायदा पत्रकारों को ही हो रहा है. जनसन्देश टाइम्स का प्रचार गोरखपुर सहित आस-पास के जिलो में होने लगा है. प्रचार में गाँधी जी वाले तीन बंदरों का चित्र है. नीचे स्लोगन लिखा है- आँखे खोलो, कछु तो बोलो, सुनो आया जनसन्देश.
दैनिक जागरण, गोरखपुर के पर्सनल विभाग के हेड यतीन्द्र मिश्रा ने भी कल जन्सन्देश टाइम्स ज्वाइन कर लिया. दैनिक जागरण, गोरखपुर से सात लोग सात जनवरी को ही इस्तीफ़ा दे दिए थे. उसके बाद पर्सनल विभाग के हेड यतीन्द्र मिश्रा ने भी जन्सन्देश टाइम्स ज्वाइन कर लिया. उन्हें प्रबंधक बनाये जाने की चर्चा है.
दैनिक जागरन के चीफ सब उपेन्द्र पाण्डेय ने भी जागरण को नमस्ते बोल जनसन्देश टाइम्स ज्वाइन कर लिया है. उन्हें डिप्टी न्यूज एडिटर बनाया गया है. कुशीनगर जागरण से बृजेश मणि त्रिपाठी ने इस्तीफा देकर जनसंदेश टाइम्स ज्वाइन कर लिया. उन्हें कुशीनगर का प्रभारी बनाया गया है. उप संपादक अमर नाथ कौशिक ने भी जागरण छोड़ दिया है. इलाहाबाद जागरण से अशोक चौधरी ने इस्तीफा देकर यहाँ जनसंदेश टाइम्स ज्वाइन कर लिया.
बस्ती से जागरण छोड़ने के बाद वीरेंद्र यादव को वहीं का प्रभारी बना दिया गया. महाराजगंज में अभयनन्द कृष्ण को जनसंदेश टाइम्स का प्रभारी बनाया गया. दैनिक जागरण गोरखपुर से राजीव रंजन तिवारी, विजय कुमार उपाध्याय, गजाधर द्विवेदी, विनय रंजन तिवारी, हृदयेश त्रिपाठी, सिद्धार्थ मणि त्रिपाठी, नजीर मलिक, राजन चतुर्वेदी ‘अभिनव’ व भूपेन्द्र मणि त्रिपाठी ने 7 जनवरी को ही त्याग पत्र दे दिया था. जिन लोगों ने जागरण छोड़ा है उन्हें जनसंदेश टाइम्स दूना पैसा देगा.
गोरखपुर से एक पत्रकार की रिपोर्ट






