: '''खीर पकाई जागरण ने, खाने की जुगाड़ में अमर उजाला और हिंदुस्तान'' खबर का इम्पैक्ट : खबर का इम्पैक्ट देखिए, जागरण वाले भले ही यह गाते घूमें कि हम भड़ास को नहीं पढ़ते लेकिन पिछले दिनों लगी इस खबर का असर देखिए कि दो दिन के भीतर ही जागरण ने चयनित छात्रों की नियुक्ति प्रक्रिया चालू कर दी। जागरण प्रबंधन ने संस्थान में ही काम कर रहे परीक्षा में चयनित संवादसूत्रों को दस हजार रुपए महीने पर नियुक्ति के आदेश दे दिए हैं, हालांकि यह कीमत अमर उजाला और हिंदुस्तान के मुकाबले काफी कम है। सालों से काम कर रहे संवादसूत्र जागरण के इस ऑफर से खुश नहीं हैं। खबर है कि बहुत से लोग बहुत जल्द ही जनसंदेश और अमर उजाला में ज्वॉइन कर लेंगे।
सभी को उम्मीद थी कि उन्हें 12 से 14 हजार रुपए का ऑफर मिलेगा। लेकिन जागरण प्रबंधन ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बात यहीं खत्म नहीं हो जाती। अभी उन अभ्यार्थियों को कॉल नहीं की गई है जो कई अन्य संस्थानों से थे। जागरण प्रबंधन अभी इस बात को लेकर हैरान है कि जहां एक ओर अमर उजाला और हिंदुस्तान 14 हजार के ऑफर दे रहे हैं ऐसे में वह 10 हजार रुपए पर किस मुंह से उन्हें ऑफर लेटर भेजें। देखा जाए तो मामला सिर्फ पैसों का नहीं है, बात है कि जिन अभ्यार्थियों को तीन घंटे की लिखित परीक्षा के बाद जागरण के महारथी पत्रकारों ने साक्षात्कार के जरिए तलाशा, क्या उनकी कीमत सिर्फ दस हजार ही है। अगर हां, तो जागरण को अपनी चयन समिति के पत्रकारों का स्तर और चयन प्रक्रिया को और उंचा उठाना चाहिए, क्योंकि अभ्यर्थियों का कद छोटा नहीं, वो आकाश छोटा है जो उन्हें नापने की कोशिश कर रहा है।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





