वाशिंगटन : एंटी पाइरेसी बिल को लेकर जारी विरोध के बीच अमेरिका में कॉपीराइट उल्लंघन के मामलों को बढ़ावा देने वाली वेबसाइट मेगाअपलोड को बंद कर दिया गया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी फाइल शेयरिंग वेबसाइटों में से एक है। इसे अमेरिका में अब तक के सबसे बड़े कॉपीराइट आपराधिक मामलों में से एक माना जा रहा है। संघीय जांच एजेंसी एफबीआइ ने सात लोगों पर एफबीआइ और न्याय विभाग की वेबसाइट को हैक करने के लिए हैकरों को बढ़ावा देने के लिए कॉपीराइट अपराध का आरोप लगाया गया है।
हॉलीवुड हस्तियों के बीच लोकप्रिय इस वेबसाइट के खिलाफ एफबीआइ ने गुरुवार को यह कार्रवाई की। इस साइट के जरिए मेगाअपलोड लिमिटेड और वेस्टर लिमिटेड नामक दो कंपनियों ने अवैध रूप से 17.5 करोड़ डॉलर (करीब 8.8 अरब रुपये) की कमाई की। पाइरेसी के चलते कॉपीराइट रखने वाले लोगों को एक अरब डॉलर (करीब 50 अरब रुपये) से अधिक का नुकसान पहुंचा है। ऑनलाइन पाइरेसी और अपराध के लिए जिन सात व्यक्तियों पर आरोप तय किए गए हैं, उनमें हांगकांग स्थित मेगाअपलोड साइट के संस्थापक किम डॉटकॉम भी है। जबकि तीन जर्मनी और एक-एक स्लोवाकिया, एस्टोनिया और नीदरलैंड के हैं। जुर्म साबित होने पर इन सभी को धोखाधड़ी के मामले में 20 साल, कॉपीराइट उल्लंघन के मामले में पांच साल, मनी लॉड्रिंग के मामले में 20 साल की सजा हो सकती है। एफबीआइ के बयान के मुताबिक, पिछले पांच साल से इस वेबसाइट के माध्यम से पाइरेसी का धंधा फल-फूल रहा था। इनमें कई हॉलीवुड फिल्में, संगीत एलबम, ई-बुक और मनोरंजन की अन्य चीजें शामिल हैं। इस पर 15 करोड़ से अधिक यूजर रजिस्टर्ड थे। पांच करोड़ लोग रोजाना इस साइट को देखते थे। साभार : प्रेट्र





