बात किसी दूर-दराज के इलाके की नहीं, राजधानी दिल्ली की है। द्वारका क्षेत्र के विधायक सुमेश शौकीन नाम के ही नहीं, काम के भी शौकीन हैं। वे हर साल करवा चौथ पर द्वारका में एक विशाल कार्यक्रम आयोजित करते हैं और उसमें सैकड़ों महिलाओं को मेहंदी लगाने का आयोजन होता है व इलाके के परिवारों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी। पिछली बार उनके इस कार्यक्रम को मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिली थी इसलिए इस बार उन्होंने अपने एक पत्रकार मित्र को पब्लिसिटी का जिम्मा सौंपा। पत्रकार ने कई चैनलों और अखबारों के ऑफिस में इनवाइट भेजा और रंग-बिरंगे कार्यक्रम की झलक दिखाने का जिक्र किया।
आयोजन की खासियत देख कर कई चैनलों के हेड-ऑफिस से कार्यक्रम की कवरेज के लिए टीमें भी आईं और सजी-धजी महिलाओं वाले इस आयोजन को अपने-अपने टीवी पर दिखाया भी। लेकिन नंबर वन चैनल होने का दावा करने वाले आजतक के रिपोर्टर एक रिपोर्टर ने कार्यक्रम स्थल पर ही विधायक जी को घेर लिया। किसी प्रोफेशनल वीडियो कैमरामैन की भांति रिपोर्टर ने कहा, हो गया कवरेज़, अब निकालो बख्शीश। विधायक जी थोड़ा चौंके और उनलोगों से मिठाई वगैरह खाने का अनुरोध किया। लेकिन बादल साहब नहीं माने और बीस-पचीस हजार की फरमाइश करने लगे। अंत में मामला दस हजार पर तय हुआ और वे इसी रकम का शगुन लेकर टरके।
किस्सा त्यौहार बीतने के कई दिनों बाद तब सामने आया जब प्रेस रिलीज़ तैयार करने और इनविटेशन भेजने वाले लड़के को कुछ खर्च देने की बात उठी। विधायक जी ने जब अपने पत्रकार मित्र को इस खर्च की जानकारी दी तो उन्होंने आजतक के अपने मित्रों से शिकायत की। खबर है कि आजतक के एनसीआर आधारित चैनल (दिल्ली आजतक) ने अपने इस रिपोर्टर के खिलाफ जांच बिठा दी है, लेकिन कुछ शुभचिंतक उसका बचाव करने में भी जुटे हुए हैं।
एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.





