: पत्रकार संगठनों ने हमले की निंदा की : पानीपत : बुधवार की देर रात नांगलखेड़ी मोड़ पर दैनिक जागरण के पांच पत्रकारों के साथ हुई मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों नांगलखेड़ी के रहने वाले हैं। इन दोनों की पहचान मनोज पुत्र पिरथी सिंह और बिट्टू पुत्र हरबीर के रूप में हुई है। इस बारे में पुलिस अधीक्षक पंकज नैन ने कहा है कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है अन्य आरोपियों को भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
गौरतलब है कि बुधवार की देर रात दैनिक जागरण के पत्रकारों के साथ नांगलखेड़ी पर छह बदमाशों ने मारपीट की थी। घटना के करीब आधे घंटे के बाद पुलिस के आठ जवान मौके पर पहुंचे, परन्तु आरोपियों को सेक्टर 29 पुलिस चौकी लाने के मेहमान की तरह बाइक से भेज दिया। इसके बाद पत्रकारों ने इसकी सूचना एसपी पंकज नैन को दी, जिसके बाद वे देर रात सेक्टर 29 पुलिस चौकी पहुंचे और आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। तब कहीं जाकर पुलिस ने तत्परता दिखाई और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि अन्य भागने में सफल रहे। पुलिस ने तत्काल तेजी दिखाई होती तो सारे बदमाश पुलिस कस्टडी में होते।
दूसरी तरफ हरियाणा पत्रकार संघ ने भी जागरण के पत्रकारों के ऊपर हुए हमले की निंदा की है। संघ के पानीपत जिलाध्यक्ष विनोद पाचाल ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि शहर में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। वे संघ की आपात बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहे जाने वाले मीडिया पर भी बदमाश हमला करने लगे है। यह पहली बार नहीं हुआ बल्कि इससे पूर्व भी कई बार पत्रकारों पर हमला किया जा चुका है। संघ पत्रकारों पर हमला करने वाले बदमाशों की गिरफ्तारी की मांग करता है।
श्री पाचाल ने पुलिस को चेतावनी को दी कि अगर 24 घटे के अंदर-अंदर सभी हमलावरों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो संघ अगली रणनीति तैयार कर पुलिस के खिलाफ मोर्चा खोलेगा। बैठक में राममेहर कौशिक, विजय गाहल्याण, बिजेन्द्र सिंह, तेलूराम प्रजापत, सलीम खान, सतीश शर्मा, राकेश जागड़ा, मोहन लाल, राजेंद्र फौर, जगदीश आहूजा व दीपक वर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे। वहीं, हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट के जिलाध्यक्ष विनोद लाहोट और महासचिव संजय त्यागी ने संयुक्त रूप से इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह समस्त मीडिया पर हमला है। आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए, साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित कराई जानी चाहिए।





