: कानाफूसी : रांची – खबर थोड़ी पुरानी है। राजधानी रांची के दो दिग्गज स्वनामधन्य पत्रकार (अच्छे ओहदे पर रहे, राजनीति गलियारे में अच्छी पकड़ वाले) संपादकद्वय हरिनारायण सिंह और बैजनाथ मिश्र के दिन अच्छे नहीं चल रहे। वैसे इन दोनों ने तो आसमान छुआ ही है। बैजनाथ मिश्र प्रभात खबर से उड़कर नये राज्य झारखंड में सूचना आयुक्त बने। अभी रिटायर ही हुए थे कि सन्मार्ग में संपादकी मिल गई। वैसे खबर है कि सूचना आयुक्त रहते मिश्र प्रभात खबर आते-जाते रहे, परंतु ज्यादा दिनों तक नहीं। उन्होंने उस दरम्यान हिन्दुस्तान को अपना ठिकाना बनाया और दूसरे नाम से कालम भी लिखना शुरू किया।
बाद में हिन्दुस्तान में बदलाव हुआ। मिश्र जी सिमट गये। सूचना आयुक्त का पद गया तो सन्मार्ग में प्रेम का प्यार मिला। प्रेम सन्मार्ग रांची संस्करण के मालिक हैं और राजनीतिक पैरवी के लिए प्रसिद्ध। खैर इनकी चल ठीक रही थी कि मिश्र को हिन्दुस्तान के पूर्व स्थानीय संपादक हरिनारायण सिंह से जोर का झटका लगा। हुआ यूं कि हरिनारायण को एक स्थानीय चैनल में मालिक जैसी धाक थी। वैसे न्यूज 11 चैनल का असली मालिक अरूप चटर्जी है। तेज तर्रार और जुगाड़ु अरूप जिसके धनबाद के बड़े कोल व्यवसायियों से अच्छे ताल्लुकात हैं, सहारा चैनल में काम कर चुका है और झारखंड के तमाम बड़े राजनेताओं आधिकारियों, व्यापारियों, सफेदपोशों से उसके गहरे संबंध हैं। अरूप और हरिनारायण की ज्यादा दिनों तक नहीं बनी। अरूप ने हरिनारायण को चैनल से निकाल दिया। हरिनारायण सन्मार्ग चले गये और बैजनाथ मिश्र न्यूज 11 की गोदी में जा बैठे।
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