यूपी के ललितपुर जिले में अपने ही अपहरण की झूठी कहानी बनाना एक मान्यता प्राप्त पत्रकार को भारी पड़ गया. पत्रकार के भाई द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराए जाने के बाद हरकत में आई पुलिस ने पत्रकार को मध्य प्रदेश से सुरक्षित खोज निकाला तथा इस पूरे फर्जी अपहरणकांड का खुलासा भी कर डाला. पत्रकार ने पूरा ड्रामा चचेरे भाई से चल रहे जमीन विवाद के चलते रचा था. पुलिस ने पत्रकार के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज कर लिया है.
जानकारी के अनुसार ललितपुर में 29 फरवरी की शाम आठ बजे सुनील चौबे ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी कि सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित उनके चांदमारी फार्म हाउस से उनके भाई और मान्यता प्राप्त पत्रकार अनिल चौबे का अपहरण हो गया है. पुलिस ने पत्रकार का मामला होने के चलते रिपोर्ट दर्ज कर ली. पुलिस ने अपने सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर अनिल चौबे को मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित पलासिया चौराहे के पास स्थित एक पेट्रोल पम्प के पास गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने अपने स्तर से जांच-पड़ताल की तो पूरे मामले का खुलासा हुआ. पुलिस अनिल चौबे को पांच मार्च को बस से लेकर ललितपुर आई. पुलिस ने बताया कि अनिल चौबे तथा उनके भाई ने जानबूझकर अपहरण की साजिश रची ताकि अपने चचेरे भाई संजय चौबे व प्रदीप चौबे को फंसा सकें. पुलिस ने बताया कि अनिल का उनके चचेरे भाइयों से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है. इसलिए वह मान्यता प्राप्त पत्रकार होने के नाते अपने अपहरण की फर्जी नाटक रचा ताकि प्रशासन पर दबाव बनाया जा सके तथा भाइयों को इस कांड में फंसाया जा सके. पुलिस ने अनिल चौबे तथा उनके भाई के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है.





