राज्यसभा के पर्चा भरने वाले पूर्व उम्मीदवार एनआरआई अंशुमान मिश्रा द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और संसद की पब्लिक एकाउंट कमेटी (पीएसी) के चीफ मुरली मनोहर जोशी को अब जवाब देते नहीं बन रहा है. इलाहाबाद की प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों ने जब जोशी से इन आरोपों पर उनका पक्ष जानना चाहा तो वह तिलमिला उठे. प्रेस कांफ्रेंस में वह न सिर्फ आगबबूला होते हुए अपना आपा खो बैठे बैठे बल्कि सवाल पूछने वाले पत्रकारों से बदसलूकी भी की.
डा. जोशी अपने ऊपर लगे आरोपों का तो कोई जवाब नहीं दे सके, साथ ही बार-बार बेवजह हँसते हुए मीडिया का मज़ाक उड़ाया. कभी उन्होंने पत्रकारों से कहा कि आपको सवाल पूछने के लिए शर्म आनी चाहिए तो कभी मीडिया पर हंसी आने की बात कहकर खिल्ली उडाई. इस प्रेस कांफ्रेंस में हुई कुछ तकरार इस तरह है :
डा. जोशी – मैं कारपोरेट घरानों से पैसे नहीं लेता… मुझे बड़ा अजीब लग रहा है कि आप लोग मुझसे यह सवाल पूछ रहे हैं.
सवाल – आप पर टूजी घोटाले के आरोपियों से अपने घर में मुलाक़ात का आरोप लगा है?
डा. जोशी – इसका जवाब देना मैं अपनी इज्ज़त के खिलाफ समझता हूँ… आपको शर्म नहीं आती यह सवाल पूछते हुए?
सवाल – एक आदमी जो कभी आपका बेहद करीबी रहा, आपकी पार्टी जिसे सांसद बनाने के लिए समर्थन देती है, वह आप पर गंभीर आरोप लगा रहा है और आप जवाब में इस तरह की बात कर रहे हैं?
डा. जोशी – आरोप ही बहुत हलके हैं तो मैं उसे वजन कैसे दे दूं… इस पर टिप्पणी करना कोई इज्ज़तदार आदमी मुनासिब नहीं समझेगा.
सवाल – अंशुमान मिश्र ने यह आरोप लगाया है कि वह पार्टी के दूसरे नेताओं से भी मिलने लगे इस वजह से आप उनसे नाराज़ हो गए?
डा. जोशी – हा हा हा हा हा… ये उन्होंने कहाँ कहा… हा हा… हा हा हा हा… कहाँ कहा…?
रिपोर्टर – जी…?
डा. जोशी – हा हा हा….हा हा हा… लगता है आपके कान में कहा है? कहाँ कहा है, आपसे कान में कहा है आपके… हा हा हा हा.
रिपोर्टर – जी नहीं उन्होंने कैमरे के सामने यह आरोप लगाया है.
डा. जोशी – ऐसा नहीं है, आप मेरा स्वभाव जानते हैं.. उसके बाद भी ऐसे सवाल पूछते हैं तो मुझे हंसी आती है… अपने ऊपर नहीं आपके ऊपर… हा हा हा हा हा ह़ा…. मुझे आप लोगों के ऊपर हंसी आ रही है… हा हा हा हहाहा.





