सोनभद्र : ओबरा में २७ फरवरी को हुए खनन हादसे को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे पत्रकार विजय विनीत को परेशान करने की शुरुआत खनन माफिआयों के इशारे पर हो गयी है। २७ मार्च को अचानक दूसरे गांव के दर्जन भर से अधिक लोग लाठी डंडा लेकर उनके घर पर चढ़ आये। घर में घुस कर मारपीट की। इस दौरान उनके लड़के का सर फट गया ७८ साल की वृद्ध मां को चोट लगी। सूचना पर कुछ देर बाद कोतवाल कुंवर प्रदीप सिंह चंदेल मौके पर पहुंचे और चार लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की।
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से ही लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। २९ मार्च को विजय विनीत ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर अवगत करा दिया था कि प्राथमिकी वापस करने के लिए धमकियां मिल रही हैं। वापस न लेने पर महिलाओं से गंभीर मामलों में फ़साने की बात की जा रही हैं। कल कोर्ट में उनके व उनके भाई के खिलाफ दो अलग अलग मामले एक दलित महिला से दाखिल कराया गया है। इसकी जानकारी होते ही तमाम संगठनों ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है। सोनभद्र प्रेस क्लब के अध्यक्ष विजय शंकर चतुर्वेदी, कैमूर क्षेत्र महिला मजदूर संघर्ष समिति की सुकालो, राष्ट्रीय वन जन श्रमजीवी मंच की राजकुमारी, महिला संघठन जागोरी की शांता भट्टाचार्य, जन संघर्ष मोर्चा के दिनकर कपूर समेत कई वकीलों ने भी नाराजगी जताई है। राष्ट्रीय वन जन श्रमजीवी मंच की संयोजक रोमा ने कहा है कि हमलावरों की गिरफतारी और फर्जी मामले की वापसी नहीं हुई तो आन्दोलन सड़क तक होगा।





