हिंदी दैनिक हिन्दुस्तान में यादव जाति के विरुद्ध छपी टिप्पणी से मधेपुरा में आक्रोश की आग धधकने लगी थी. आक्रोशित लोगों नें 22 अगस्त को हिन्दुस्तान दैनिक के कार्यालय के सामने उग्र प्रदर्शन कर हिन्दुस्तान दैनिक की सैकड़ों प्रतियों को आग के हवाले कर दिया. प्रदर्शनकारियों के तेवर को देख कर “हिन्दुस्तान” कार्यालय के सभी कर्मी भाग खड़े हुए. काफ़ी मशक्कत के बाद मधेपुरा के थाना अध्यक्ष नवीन कुमार सिंह ने हालात को संभाला. लोगों ने “हिन्दुस्तान ” के विरुद्ध नुक्कड़ नाटक और पर्चा वितरण कर अपनी नाराजगी जाहिर करना शुरू कर दिया है. साथ ही न्यायालय में “हिन्दुस्तान” के कर्ताधर्ता के विरुद्ध मुकदमा भी ठोकने की तैयारी कर रहे हैं.
हिन्दुस्तान दैनिक में 10 अगस्त को कोशी संस्करण में पेज पांच पर एक खबर का प्रकाशन किया गया. “कृष्ण भक्तों के दरवाजे पर गाय नहीं बोलेरो” शीर्षक से छपी खबर में ये जिक्र किया गया था कि मधेपुरा के कृष्ण भक्त अपनी बूढी गायों को दूसरे प्रदेश के बूचणखाने में बेचते हैं. खबर में परोक्ष रूप से यादव जाति के लोगों के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी की गयी थी. इस खबर से आक्रोशित लोगों ने हिन्दुस्तान दैनिक के मधेपुरा कार्यालय के इंचार्ज अमिताभ से मिलकर अपनी लिखित आपत्ति दर्ज करवाते हुए जिम्मेवार संवाददाता को हटाने और आपत्तिजनक लेख के लिये खेद जताने की मांग की थी. लोगों की आपत्ति के बावजूद ना तो सम्बन्धित संवाददाता के विरुद्ध कार्रवाई की गयी और ना ही खेद व्यक्त किया गया. पुन: स्थानीय लोगों ने उक्त अखबार के भागलपुर कार्यालय में फ़ैक्स भेज कर सम्पादक को अपनी आपत्ति से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की. लोगों की आपत्ति को भागलपुर के सम्पादक विशेश्वर कुमार ने भी नजरअंदाज कर दिया. सम्पादक की बेरुखी और अदूरदर्शिता से ये मामला और भी तूल पकड़ लिया.



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http://bhadas4media.com/video/viewvideo/632/media-world/burning-newspaper-in-madhepura.html






