मधुबनी की घटना के पीछे के खेल को लेकर लिखने से बच रहा था लेकिन जिस तरीके से आज राज्य के प्रतिष्ठित अखबार हिन्दुस्तान ने अपने सम्पादकीय में बड़ी-बड़ी बातें लिखी हैं, उसे औरों को नसीहत देने से पहले अपने किए पर भी सोचना चाहिए. इस पूरे प्रकरण में हिन्दुस्तान अखबार की भूमिका को लेकर शुरू से ही सवाल खड़े हो रहे थे और अब तो प्रीति के पिता ने तो हिन्दुस्तान के रिपोर्टिंग पर सवाल खड़े करते हुए मालकिन शोभना भरतिया से लेकर स्थानीय पत्रकार तक को कानूनी नोटिस भेजा है.
इसी अखबार ने पहली बार लिखा था कि लवारिस लाश प्रशांत जैसा दिखता है और इस खबर के बाद पूरे शहर की फिजा बदलने लगी. यही नहीं इसी अखबार में आईजी दरभंगा की भूमिका पर सवाल खड़े किये गए और बात रिश्तेदारी तक पहुंच गयी. जो तथ्य आ रहे हैं वह बड़ी भयावह हैं. इस पूरे मामले में एक आईपीएस अधिकारी, पूर्व विधायक, कुछ पत्रकार और एक वकील की भूमिका सदिग्ध है.
लड़की के पिता भी उन लोगों के मोबाइल की जांच की मांग कर रहे हैं. हमारे जो स्रोत है इस बात को पुष्ट कर रहे हैं क्यों कि जिस तरीके से घटना का क्रम शुरु हुआ है उसमें इन चारों का पूर्व से सम्बन्ध जगजाहिर है. जिस पुलिस अधिकारी पर आरोप लग रहे है उनका चरित्र इस तरह का रहा है. अब तो न्यायिक जांच का गठन हो गया है देखते हैं मामला किस ओर जाता है लेकिन सरकार को विपक्ष पर ठीकरा फोड़ कर शांत नहीं हो जाना चाहिए क्यों कि इस साजिश से सरकार के दामन पर भी दाग लगा है और पूरा प्रशासनिक महकमा के मनोबल पर पूरा प्रभाव पड़ा है.
अभिजीत कुमार
महुआ न्यूज
मधुबनी





