नई दिल्ली : नवनियुक्त सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने आज स्पष्ट किया कि उनका मीडिया पर किसी सरकारी नियमन का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा कि स्वनियमन ही सर्वश्रेष्ठ नियमन है। कांग्रेस प्रवक्ता का पद भी संभाल रहे तिवारी से जब संप्रग-2 की प्रेस द्वारा आलोचना होने तथा उनकी आगे की रणनीति के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘कोई एक व्यक्ति राष्ट्रीय संवाद की भाषा को बदल नहीं सकता। मुझे ऐसा कोई भ्रम नहीं है कि मैं अकेले राष्ट्रीय संवाद की प्रकृति को बदलने में सक्षम हूं। सभी संबंधित लोगों को इसके लिए कदम उठाना होगा।’
मीडिया पर किसी तरह की पाबंदी लगाने से इंकार करते हुए तिवारी ने कहा, ‘मेरा विश्वास है कि स्वनियमन ही सर्वश्रेष्ठ नियमन है।’ केन्द्रीय मंत्री के तौर पर नियुक्त होने के बाद तिवारी कांग्रेस मुख्यालय आए और उन्होंने कांग्रेस महासचिव तथा मीडिया विभाग के प्रभारी जनार्दन द्विवेदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। तिवारी के सूचना प्रसारण मंत्री बनने के बाद उनके सामने पहली चुनौती यह होगी कि 31 अक्तूबर तक चार महानगरों में केबल सेवाओं के डिजिटलीकरण का काम पूरा किया जाए। जब तिवारी से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में पहले निवर्तमान मंत्री अंबिका सोनी से संपर्क करेंगे। उन्होंने कहा, ‘मैंने अब तक इस बारे में सोचा नहीं है। मैं सभी संबंधित लोगों से इस बारे में बात करूंगा। पहले मैं निवर्तमान मंत्री अंबिका सोनी से बात करूंगा। जब मैं स्कूल में था तब अंबिका जी पंजाब में युवक कांग्रेस की अध्यक्ष हुआ करती थीं।’ (एजेंसी)