जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रमण्यम स्वामी अब कांग्रेस की मान्यता रद्द करवाने के लिए चुनाव आयोग को अर्जी देंगे। स्वामी ने ट्विट कर कहा है कि कांग्रेस द्वारा लोन दिए जाने की बात स्वीकारने के बाद अब वह इस संबंध में चुनाव आयोग में कांग्रेस की मान्यता खत्म करने को याचिका दायर करेंगे। स्वामी ने आरोप लगाए थे कि कांग्रेस ने एसोसिएट जर्नल नाम की कंपनी को 90 करोड़ रुपए का लोन दिया। कांग्रेस की तरफ से शुक्रवार को कहा गया कि पार्टी ने ऐसे अखबार की मदद की जिसने आजादी की लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। कांग्रेस का कहना है कि जिसे इसमें कुछ भी गलत लगता है वो कोर्ट जा सकता है।
इससे पूर्व शुक्रवार को कांग्रेस महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने एक बयान जारी कर स्वामी की उस बात को सही ठहराया जिसमें कांग्रेस संगठन द्वारा राहुल गांधी और इंदिरा गांधी की कंपनी यंग इंडिया को 90 करोड़ का लोन देने की बात कही गई थी। हालांकि द्विवेदी ने अपने बयान के जरिए यह भी कह दिया कि इससे कोई निजी लाभ नहीं लिया गया। कांग्रेस के इस बयान पर स्वामी ने कानून की धाराओं का हवाला देते हुए कहा है कि कांग्रेस इस तरह का कोई भी लोन नहीं दे सकती है। यह कानूनों का उल्लंघन है।
स्वामी के आरोपों के 24 घंटे बाद आए कांग्रेस के बयान पर बीजेपी ने भी पलटवार किया है। भाजपा महासचिव अरुण जेटली ने भी कांग्रेस से इस मामले में सफाई मांगी। इस बीच राहुल गांधी के कार्यालय से स्वामी पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। कांग्रेस प्रवक्ता पीसी चाको ने कहा कि आरोप लगाने वाले की ही यह जिम्मेदारी बनती है वह उसे साबित करे। गौरतलब है कि स्वामी ने गुरुवार को सोनिया गाधी और राहुल गाधी पर आरोप लगाया था कि इन दोनों ने एक निजी कंपनी बनाकर अखबारों की 1600 करोड़ की जायदाद हासिल कर ली है। यंग इंडियन कंपनी में मा-बेटे के 38-38 फीसद शेयर हैं। इस कंपनी ने पिछले साल फरवरी में 'नेशनल हेराल्ड' और 'कौमी आवाज' नाम के अखबार निकालने वाली कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेपीएल) को खरीद लिया। इसे कांग्रेस पार्टी की ओर से 90 करोड़ का बिना जमानत का कर्ज दिया गया था। (इनपुट – जागरण)