अमर उजाला के बिकने के बारे में जो सूचना कल आ रही थी उसमें आज कुछ अलग जानकारी सामने आई है. खबर है कि जी न्यूज के साथ अभी पूरी बात फाइनल नहीं हुई है. इसका निर्णय अंतिम दौर में है. सूचना आ रही है कि अमर उजाला प्रबंधन समूह को पूरा बेचने की बजाय जी समूह को कुछ प्रतिशत शेयर बेचने पर राजी हुआ है. यह निर्णय समूह के ऊपर पड़ रहे चौतरफा दबाव की वजह लिये जाने की सूचना है.
कल खबर आई थी कि जी समूह ने अमर उजाला का टेकओवर कर लिया है. हालांकि ये खबर सही है कि जी समूह अमर उजाला में इनवेस्ट कर रहा है, पर अब खबर आ रही है कि अमर उजाला मैनेजमेंट पूरा अखबार और ब्रांड बेचने की बजाय सिर्फ अपने शेयर बेचना चाहता है ताकि वह अपने कर्जे से छुटकारा पा सके. इसलिए कंपनी उतना ही शेयर बेचने की तैयारी कर रही है, जिससे उसे कर्जे से राहत मिल सके.
उल्लेखनीय है कि अमर उजाला प्रबंधन ने अग्रवाल से अलग होने के लिए डीई शा से 120 करोड़ क आसपास का कर्ज लिया था. इस कर्ज के चलते ही कंपनी की माली हालत खराब हुई है. अमर उजाला को हर महीने एक भारी भरकम रकम डीई शा को ब्याज के रूप में देनी पड़ती है. लिहाजा कंपनी ने जी समूह को अपने शेयर बेचने का फैसला किया है ताकि वो डीई शॉ और अशोक अग्रवाल के बकाया चुकता कर सके। फिलहाल अंदरखाने खिचड़ी पक रही है. जल्द ही अमर उजाला के बिकने या कुछ शेयर बेचने की पुख्ता जानकारी आपको उपलब्ध कराई जाएगी.