बाजार नियामक संस्था, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) सहारा समूह के बहुचर्चित मामले में सभी निवेशकों की 'पहचान' के काम (आईपीवी) का ठेका लेने के इच्छुक सरकारी बैंकों और केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों (केआरए) के अधिकारियों के साथ कल मुंबई में बैठक करेगा। चयनित एजेंसी को यह काम निपटाने के लिए निवेशकों के सामने जाकर उनका सत्यापन करना होगा। उच्चतम न्यायालय ने सेबी को निर्देश दिया है कि वह सहारा समूह की दो कंपनियों के बॉन्डधारकों को 24,000 करोड़ रुपये का रिफंड 15 फीसदी सालाना ब्याज के साथ कराए।
इस मामले में सेबी को बॉन्डधारकों की वास्तविकता का सत्यापन करना है। इन कंपनियों में सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड और सहारा रियल एस्टेट कॉरपोरेशन शामिल है। सेबी ने सम्मुख-सत्यापन एजेंसी (आईपीवी) के ठेके के इच्छुक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और केआरए (केवाईसी पंजीकरण एजेंसी) से निविदाएं आमंत्रित की हैं। सेबी इच्छुक बैंकों और केआरए के साथ बोली पूर्व की बैठक कल करेगा जो उसके मुंबई स्थित मुख्यालय में होगी। इसमें वह काम की प्रकृति और संबंद्घ मुद्दों के बारे में बताएगा। उच्चतम न्यायालय ने 31 अगस्त को अपने आदेश में सेबी से कहा था कि वह सहारा ग्रुप की दो कंपनियों के वैकल्पिक पूर्ण परिवर्तनीय डिबेंचर (ओएफसीडी) के अनुमानित तीन करोड़ बॉन्डधारकों की वास्तविकता को परखे। (भाषा)