Connect with us

Hi, what are you looking for?

No. 1 Indian Media News PortalNo. 1 Indian Media News Portal
Local News Community

आवाजाही, कानाफूसी...

धोखेबाज पत्रकार को सजा दिलाने के लिए विधवा की अपील

: इन्दौर की घटना : पत्रकार का नाम है सतीश जोशी : इन्दौर की एक विधवा महिला ने इन्दौर के धोखेबाज पत्रकार सतीश जोशी को सजा दिलाने के लिए अपील जारी की है. यह अपील पूरे पत्रकारिता जगत में चर्चा का केन्द्र बनी हुई है. अपील जारी करने वाली महिला का नाम इंदिरा राठौर है. उनके पति मोहनलाल राठौर का देहांत हो चुका है. इंदिरा इन्दौर की निवासी हैं. लिखित अपील की दूसरी तरफ नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र लगाया गया है ताकि अपील की विश्वसनीयता पर कोई संदेह नहीं रहे. हम यहां पर इस अपील को जस की तस प्रस्तुत कर रहे हैं…

: इन्दौर की घटना : पत्रकार का नाम है सतीश जोशी : इन्दौर की एक विधवा महिला ने इन्दौर के धोखेबाज पत्रकार सतीश जोशी को सजा दिलाने के लिए अपील जारी की है. यह अपील पूरे पत्रकारिता जगत में चर्चा का केन्द्र बनी हुई है. अपील जारी करने वाली महिला का नाम इंदिरा राठौर है. उनके पति मोहनलाल राठौर का देहांत हो चुका है. इंदिरा इन्दौर की निवासी हैं. लिखित अपील की दूसरी तरफ नोटरी द्वारा सत्यापित शपथ पत्र लगाया गया है ताकि अपील की विश्वसनीयता पर कोई संदेह नहीं रहे. हम यहां पर इस अपील को जस की तस प्रस्तुत कर रहे हैं…

एक मार्मिक अपील इन्दौर की पत्रकारिता के सबसे बड़े धोखेबाज सतीश जोशी को सजा दिलवाने में मदद करें

माननीय पत्रकार बंधुओं

मैं पिछड़ा वर्ग की विधवा महिला हूं। मेरे पति अखबार साप्ताहिक मोनो में काम करते थे। इसी अखबार के पत्रकार होने के नाते

मैंने साल 1993 में अपने गाढ़े खून पसीने की कमाई से अखबार साप्ताहिक मोनो के माध्यम से संवादनगर नामक संस्था में इसके सचिव सतीश जोशी जो कि अपने आपको चौथा संसार का पत्रकार बताता था, एक प्लाट बुक करके सदस्यता शुल्क, अंश पूंजी और प्लाट पेटे 1550 रुपए तथा 17.12.1993 को प्लाट पेटे अग्रिम पांच हजार रुपये दिए जिसकी रसीद नंबर 410 है। इसके अलावा 20 हजार रुपये समय-समय पर अलग से दिए। इतनी राशि देने के बावजूद मुझे अभी तक प्लाट आवंटित नहीं किया गया और हाल ही में अखबारों के माध्यम से यह जानकारी मिली कि सतीश जोशी ने संवादनगर संस्था में नए 200 गैर पत्रकार सदस्य बनाकर उनके नाम साल 2008 में रजिस्ट्री करके पुराने सदस्यों के साथ धोखाधड़ी कर दी और सतीश जोशी इसके माध्यम से करोड़ों रुपये हड़प कर बैठ गया। इस प्रकार किसी भी पत्रकार को कोई प्लाट नहीं दिया गया। मैंने भी अपने स्वर्गीय पति के माध्यम से जो कि साप्ताहिक मोनो के संवाददाता थे, तब प्लाट बुक कराया था। जब मैंने सतीश जोशी के संवादनगर स्थित मकान पर सम्पर्क किया तो पता चला कि वह यहां से भी मकान बेचकर गायब हो गया है और वह अपना नया पता किसी को नहीं देता।
अब आप ही मेरे साथ न्याय करें। क्या मैंने साल 1993 में संवादनगर जैसी संस्था में प्लाट बुक कराकर कोई अपराध किया? क्या सतीश जोशी जैसे लोग पत्रकारिता की आड़ में लोगों का खून पसीने का पैसा ऐसे ही हड़पते रहेंगे? क्या कानून में ऐसे लोगों के लिए कोई सजा नहीं है? गरीब पत्रकारों को मकान का सपना दिखाकर सतीश जोशी जैसे लोग कब जेल के अंदर भेजे जाएंगे? मुझ जैसी गरीब विधवा महिला के लिए क्या इस शहर में कहीं कोई न्याय नहीं है? मैं आप सब पत्रकारों सम्पादकों से न्याय चाहती हूं, क्या मुझे न्याय मिलेगा।

अजु‍र्न राठौर

इन्दौर

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

… अपनी भड़ास [email protected] पर मेल करें … भड़ास को चंदा देकर इसके संचालन में मदद करने के लिए यहां पढ़ें-  Donate Bhadasमोबाइल पर भड़ासी खबरें पाने के लिए प्ले स्टोर से Telegram एप्प इंस्टाल करने के बाद यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia 

Advertisement

You May Also Like

विविध

Arvind Kumar Singh : सुल्ताना डाकू…बीती सदी के शुरूआती सालों का देश का सबसे खतरनाक डाकू, जिससे अंग्रेजी सरकार हिल गयी थी…

विविध

: काशी की नामचीन डाक्टर की दिल दहला देने वाली शैतानी करतूत : पिछले दिनों 17 जून की शाम टीवी चैनल IBN7 पर सिटिजन...

विविध

पहली बार चुनाव हमने 1967 में देखा था. तेरह साल की उम्र में. और अब पहली बार ऐसा चुनाव देख रहे हैं, जो इससे...

विविध

राजस्थान, कांग्रेस और सेक्स. ये तीन शब्द लगता है आपस में अच्छे से घुल मिल गए हैं. भंवरी कांड में ये तीनों शब्द जुड़े...