भोपाल, इंदौर और विदिशा में बिच्छू डॉट कॉम के होर्डिंग लगने के कुछ ही घंटों में हटा लिए गए। इंदौर में तो लगाने वाले को ही हिरासत में ले लिया। आखिर किसके कहने पर और किस वजह से इन्हें हटाया गया। इसका कारण कोई बताने की स्थिति में नहीं है। भोपाल में रोशनपुरा चौराहे और सुभाष स्कूल के पास दोपहर दो बजे होर्डिंग लगाए। शाम पांच बजे तक उतार लिए गए। नगर निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। कलेक्टोरेट के अधिकारियों को भी होर्डिंग हटाने की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस तक मामला पहुंचा ही नहीं। तो क्या मिस्टर इंडिया ने उतारे होर्डिंग?

प्रदेशभर से इसी तरह की सूचनाएं हैं। शिवराजजी, क्या आपके राज में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन भी नहीं किया जा सकता। यदि आपका लोकतंत्र यही है तो मैं साधुवाद देता हूं। प्रेस की आजादी पर आपातकाल लगाया जा रहा है। प्रचार के इन माध्यमों पर इस तरह प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं तो क्यों न मैं मानव होर्डिंग और तांगा रैली निकालकर अपनी अभिव्यक्ति का प्रदर्शन करूं। आदरणीय शिवराजजी आप होर्डिंग से घबराते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति को दबाना सबसे घृणित कार्य माना जाता है। यह घृणित कार्य आपने क्यों किया, इसका जवाब मैं आपसे मांगूंगा। अभिव्यक्ति के कितने साधनों को आप जमींदोज करेंगे।
बिच्छू डाट काम के एडिटर इन चीफ अवधेश बजाज की तरफ से जारी.





