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क्यों और किसने हटा लिए बिच्छू डॉट कॉम के होर्डिंग?

भोपाल, इंदौर और विदिशा में बिच्छू डॉट कॉम के होर्डिंग लगने के कुछ ही घंटों में हटा लिए गए। इंदौर में तो लगाने वाले को ही हिरासत में ले लिया। आखिर किसके कहने पर और किस वजह से इन्हें हटाया गया। इसका कारण कोई बताने की स्थिति में नहीं है। भोपाल में रोशनपुरा चौराहे और सुभाष स्कूल के पास दोपहर दो बजे होर्डिंग लगाए। शाम पांच बजे तक उतार लिए गए। नगर निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। कलेक्टोरेट के अधिकारियों को भी होर्डिंग हटाने की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस तक मामला पहुंचा ही नहीं। तो क्या मिस्टर इंडिया ने उतारे होर्डिंग?

भोपाल, इंदौर और विदिशा में बिच्छू डॉट कॉम के होर्डिंग लगने के कुछ ही घंटों में हटा लिए गए। इंदौर में तो लगाने वाले को ही हिरासत में ले लिया। आखिर किसके कहने पर और किस वजह से इन्हें हटाया गया। इसका कारण कोई बताने की स्थिति में नहीं है। भोपाल में रोशनपुरा चौराहे और सुभाष स्कूल के पास दोपहर दो बजे होर्डिंग लगाए। शाम पांच बजे तक उतार लिए गए। नगर निगम के अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। कलेक्टोरेट के अधिकारियों को भी होर्डिंग हटाने की कोई जानकारी नहीं है। पुलिस तक मामला पहुंचा ही नहीं। तो क्या मिस्टर इंडिया ने उतारे होर्डिंग?

विदिशा में होर्डिंग लगे तो भाजपाइयों ने उसे लेकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी मुकेश टंडन ने मुख्यमंत्री निवास फोन लगाया। निर्देश मिला कि यथास्थिति बनी रहने दी जाए। लेकिन बाद में एसडीएम ने खुद जाकर होर्डिंग हटा लिए। इंदौर में पांच जगह होर्डिंग लगाए गए थे। लेकिन उन्हें उतार लिया गया। रीगल तिराहे पर जब श्याम नामक व्यक्ति होर्डिंग लगा रहा था तो उसे हिरासत में ले लिया। तुकोगंज पुलिस थाने में उसे रात भर बिठाया गया। उसका लोडिंग ऑटो भी साथ ले गए।

प्रदेशभर से इसी तरह की सूचनाएं हैं। शिवराजजी, क्या आपके राज में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध-प्रदर्शन भी नहीं किया जा सकता। यदि आपका लोकतंत्र यही है तो मैं साधुवाद देता हूं। प्रेस की आजादी पर आपातकाल लगाया जा रहा है। प्रचार के इन माध्यमों पर इस तरह प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं तो क्यों न मैं मानव होर्डिंग और तांगा रैली निकालकर अपनी अभिव्यक्ति का प्रदर्शन करूं। आदरणीय शिवराजजी आप होर्डिंग से घबराते हैं। लोकतांत्रिक व्यवस्था में अभिव्यक्ति को दबाना सबसे घृणित कार्य माना जाता है। यह घृणित कार्य आपने क्यों किया, इसका जवाब मैं आपसे मांगूंगा। अभिव्यक्ति के कितने साधनों को आप जमींदोज करेंगे।

बिच्छू डाट काम के एडिटर इन चीफ अवधेश बजाज की तरफ से जारी.

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