: बनारस में भी कराया गया पत्रकारों से सिग्नेचर : आगरा से खबर है कि यहां पर भी मजीठिया वेज बोर्ड को लेकर चलाए गए हस्ताक्षर अभियान का काम पूरा कर लिया गया है. पर यहां पर एक कर्मचारी ने जागरण प्रबंधकों के इस मंशा का विरोध कर दिया है. सूत्रों का कहना है कि समाचार संपादक आनंद शर्मा लोगों को समझा बुझाकर हस्ताक्षर अभियान पूरा करवा लिए. उन्होंने आफ द रिकार्ड सहयोगियों से यह भी कहा कि इससे कुछ होना जाना नहीं है, कोई पत्रकार सुप्रीम कोर्ट जाएगा तो हम सभी का भला हो जाएगा. मतलब जागरण के तमाम वरिष्ठ पत्रकार यह भी चाहते हैं कि उनको मजीठिया वेज बोर्ड का लाभ मिले और वो प्रबंधन की नजर में भी हीरो बने रहें यानी भगत सिंह कोई और बने.
खैर, खबर है कि यहां काम करने वाले तेज तर्रार पत्रकार रवि प्रकाश मौर्य भगत सिंह बनने की राह पर चल पड़े हैं. उन्होंने हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया है. उनके विरोध से प्रबंधन घबराहट में है. संभावना जताई जा रही है कि अगर रवि ने हस्ताक्षर नहीं किया तो उन्हें निपटाने की रणनीति भी बनाई जा सकती है. आखिर इतने नपुंसक पत्रकारों की भीड़ में प्रबंधन भला एक दिलेर पत्रकार को कैसे बर्दाश्त कर सकता है, जो उसकी गलत हरकत का विरोध कर रहा हो.
दूसरी तरफ बनारस से भी खबर है कि यहां भी पत्रकारों की मर्जी के खिलाफ हस्ताक्षर करवाया जा रहा है. यूनिट मैनेजर अंकुर चड्ढा तथा निशात अली पत्रकारों से हस्ताक्षर करा रहे हैं. पर इस यूनिट की विडम्बना यह रही कि यहां एक भी पत्रकार दिलेर नहीं निकला. सभी ने चुपचाप अपने अपने हस्ताक्षर निर्धारित प्रोफार्मा पर कर दिए. जबकि पत्रकारों का खून चूसने में यह यूनिट सबसे ऊपर है. ऐसा लग रहा है कि पत्रकारों का इतना खून चूस लिया गया है कि अब एक में भी प्रबंधन के गलत रवैये का विरोध करने की ताकत नहीं बची है.





