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अजमल की मौत : फांसी या डेंगू – फेसबुक पर छिड़ी जंग

 

सोशल मीडिया साइटों पर भी अजमल कसाब को फांसी दिए जाने की चर्चा छिड़ी हुई है. ज्‍यादातर लोग बधाई संदेश दे रहे हैं वहीं कुछ लोग गुपचुप फांसी दिए जाने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं. कुछ लोग नई कहानियां भी गढ़ रहे हैं. फेसबुक पर अनिल गुप्‍ता सवाल उठाते हैं कि अब तक राजनेता कहते आ रहे हैं कि राष्‍ट्रपति के पास भेजी गई दया याचिकाओं पर नम्‍बर से सुनवाई होती है तो इस मामले में तेजी क्‍यों दिखाई गई. मीडिया को क्‍यों नहीं इसकी जानकारी दी गई. क्‍यों नहीं संसद पर हमला करने के दोषी अफजल गुरु की दया याचिका को अब तक खारिज किया गया. 

 

सोशल मीडिया साइटों पर भी अजमल कसाब को फांसी दिए जाने की चर्चा छिड़ी हुई है. ज्‍यादातर लोग बधाई संदेश दे रहे हैं वहीं कुछ लोग गुपचुप फांसी दिए जाने के तरीके पर सवाल उठा रहे हैं. कुछ लोग नई कहानियां भी गढ़ रहे हैं. फेसबुक पर अनिल गुप्‍ता सवाल उठाते हैं कि अब तक राजनेता कहते आ रहे हैं कि राष्‍ट्रपति के पास भेजी गई दया याचिकाओं पर नम्‍बर से सुनवाई होती है तो इस मामले में तेजी क्‍यों दिखाई गई. मीडिया को क्‍यों नहीं इसकी जानकारी दी गई. क्‍यों नहीं संसद पर हमला करने के दोषी अफजल गुरु की दया याचिका को अब तक खारिज किया गया. 
 
कुछ लोग अपनी वॉल पर यह भी लिखा है कि डेंगू से अजमल कसाब की मौत हो चुकी थी, सरकार के पास कोई चारा नहीं था,‍ लिहाजा बारी से पहले ही कसाब की याचिका खारिज कर उसे लटकाने का फैसला कर लिया गया. इसलिए मीडिया से बचते हुए चुपचाप उसे फांसी देने का उपक्रम किया गया. कुछ लोगों ने लिखा है कि अंतत: राष्‍ट्रीय आतंकी मारा गया. कुछ ने उस डेंगू मच्‍छर को धन्‍यवाद दिया है, जो मानते हैं कि डेंगू के चलते ही कसाब मरा, और उसके फांसी का सरकार को नाटक करना पड़ा. आतंकी को फांसी होने के बाद कोई दिवाली मनाने की बात कह रहा है. 
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