अनिल गुप्ता : जब यश चोपड़ा जैसे लोग एक महीने लीलावती अस्पताल में रहने के बावजूद भी डेंगू से नही बच पाए तब कसाब डेंगू से कैसे बचा होगा जबकि कसाब को किसी भी अस्पताल में भर्ती नही करवाया गया था उसका इलाज जेल में ही हो रहा था। फांसी की प्रक्रिया भी पूरी क्यों नहीं की गयी? फांसी देने के पहले आरोपी के वकील को सुचना दी जाती है .. यदि आरोपी विदेश हो तो उस देश के दूतावास को सूचना दी जाती है कि फलां तारीख को मुजरिम को फांसी दी जाएगी।
राष्ट्रपति द्वारा दया याचिका रद्द करने के बाद एक मजिस्ट्रेट फांसी देने का आदेश जारी करता है ..कसाब के केस के क्यों नहीं ऐसा हुआ? मित्रों, कांग्रेस पूरे देश को धोखा दे रही है .. कल तक जो नीच कांग्रेस और भारत सरकार ये कहती थी कि अफजल गुरु और कसाब के पहले १७ लोगो की फ़ाइल पेंडिंग है इसलिए जब इनका नम्बर आएगा तब इनको फांसी होगी। लेकिन अचानक कांग्रेस इस क्रम को क्यों भूल गयी?
असल में कसाब को फांसी हुई ही नही है .. कसाब कल रात में ८ बजे ही आर्थर रोड जेल में डेंगू से मर चूका था .. फिर जेल अधिकारियों ने आरआर पाटिल को इसकी सूचना दी .. फिर केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार से मिलकर कसाब की फांसी की झूठी खबर को फैला दिया।
अनिल गुप्ता : लो अब महाराष्ट्र पुलिस के एसीपी प्रद्युम्न ने भी कसाब की फांसी पर सवाल उठा दिया है .. उनके अनुसार कसाब की मौत डेंगू से हुई है।
अनिल गुप्ता के फेसबुक वॉल से साभार.