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पत्रकार को झूठे मामले में फंसाने पर जालौन में मीडियाकर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना

 

जालौन में सपा नेता पर हुए जानलेवा हमले में एक पत्रकार के खिलाफ झूठा मुकदमा कर फंसाए जाने के विरोध में जनपद के पत्रकार एकजुट होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरने पर बैठ गये हैं। पत्राकारों की मांग है कि पत्रकार के खिलाफ झूठा मुकदमा वापिस लिया जाए और जांच कर दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि 6 नवम्बर को देर रात जालौन के एटा थाना क्षेत्र में सपा के पूर्व कोषाध्यक्ष राकेश पटेल जब अपने गाँव सोमई से बाइक से एटा जा रहे थे तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी जिसमें वो घायल हो गये थे। घटना के नौ दिन बाद सपा नेता के भाई ने 16 नवम्बर 2012 को गाँव के ही दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला के पत्रकार शशिकांत तिवारी के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था, जिस पर पुलिस ने करवाई कर पत्रकार को जेल भेज दिया। 

 

जालौन में सपा नेता पर हुए जानलेवा हमले में एक पत्रकार के खिलाफ झूठा मुकदमा कर फंसाए जाने के विरोध में जनपद के पत्रकार एकजुट होकर अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरने पर बैठ गये हैं। पत्राकारों की मांग है कि पत्रकार के खिलाफ झूठा मुकदमा वापिस लिया जाए और जांच कर दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि 6 नवम्बर को देर रात जालौन के एटा थाना क्षेत्र में सपा के पूर्व कोषाध्यक्ष राकेश पटेल जब अपने गाँव सोमई से बाइक से एटा जा रहे थे तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर फायरिंग कर दी जिसमें वो घायल हो गये थे। घटना के नौ दिन बाद सपा नेता के भाई ने 16 नवम्बर 2012 को गाँव के ही दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला के पत्रकार शशिकांत तिवारी के खिलाफ झूठा मामला दर्ज कराया था, जिस पर पुलिस ने करवाई कर पत्रकार को जेल भेज दिया। 
 
इस मामले में जनपद के पत्रकारों ने जालौन के पुलिस अधीक्षक आरपी चतुर्वेदी से निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करने की बात कही थी लेकिन जांच कराने के बजाय पुलिस ने अपने ऊपर जनपद के सपा के एक जनप्रतिनिधि का दबाब होना बताया था, जिसके चलते पत्रकारों में आक्रोश भड़क गया और पत्रकारों ने 21 नवम्बर 2012 को जिलाधिकारी मनीषा त्रिघटिया से मामले की मजिस्ट्रेट जांच कराने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया और मजिस्ट्रेटी जांच कराने से मना कर दिया। जिसके परिणाम स्वरुप जनपद के पत्रकार लामबद्ध हो गये और गुरुवार 22 नवम्बर से पत्रकारों ने उरई स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना देना शुरू कर दिया है।
 
जनपद के वरिष्ठ पत्रकार एवं अमर उजाला के जिला प्रतिनिधि अनिल शर्मा का कहना है कि जब तक निर्दोष पत्रकार के खिलाफ लिखा गया मुकदमा वापिस नहीं होता और जनप्रतिनिधि सहित मामले में शामिल पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई नहीं की जाती तब तक जनपद के पत्रकार रोज धरने पर बैठेंगे। वहीं इस मामले को बेबाक तरीके से लिखने के लिए सभी पत्रकारों ने दैनिक आज समाचार पत्र के ब्यूरो चीफ अरविन्द द्विवेदी की प्रशंसा भी की।
 
धरने के दौरान प्रिंट मीडिया के वरिष्ठ पत्रकार केपी सिंह (ब्यूरो चीफ जागरण, कानपुर), नाथूराम निगम (कर्मयुग प्रकाश), ब्रजेश मिश्रा (ब्यूरो चीफ, हिन्दुस्तान), संजीव श्रीवास्तव (उपजा जिलाध्यक्ष), ओमप्रकाश राठौर (ब्यूरो चीफ, लोकभारती), मनोज राजा (ब्यूरो चीफ जागरण, झाँसी), आबिद नकवी (क्राइम रिपोर्टर, हिन्दुस्तान), सुनील शर्मा (जनसत्ता), संजय मिश्रा (अग्निचरण), रमाशंकर शर्मा (क्राइम रिपोर्टर, दैनिक आज), शिवकुमार जादौन (क्राइम रिपोर्टर, जागरण), अशफाक (राष्ट्रीय सहारा), हरनाम सिंह (तरुण मित्र), सत्येन्द्र पस्तोर (अमर उजाला), जमील टाटा (अग्निचरण ), अरमान (जनकदम), विकास जादौन, श्रीकांत शर्मा (स्पष्ट आवाज) सहित इलेक्ट्रोनिक मीडिया के अलीम सिद्दीकी (आज तक), संजय गुप्ता (डी.डी. न्यूज़), मनीष राज (जी न्यूज़), अजय श्रीवास्तव (सहारा समय), प्रदीप त्रिपाठी (आईबीएन7), शशिकांत शर्मा (श्री न्यूज़), जीतेन्द्र द्विवेदी (कैमरा पर्सन), राहुल गुप्ता, संजय सोनी सहित दर्जनों पत्रकार उपस्थित रहे।
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