: पत्रकार नेता योगेश गुप्ता पप्पू एवं अजय मुखर्जी दादा ने की शिकायत : दैनिक जागरण, बनारस में मजीठिया वेज बोर्ड मामले में पत्रकारों की अनिच्छा के बावजूद जबरिया हस्ताक्षर करा रहे प्रबंधन के विरुद्ध समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन ने मोर्चा खोल दिया है. दैनिक जागरण की चिरकुटई से भलीभांति अवगत काशी पत्रकार संघ के अध्यक्ष योगेश गुप्ता पप्पू एवं समाचार पत्र कर्मचारी यूनियन के मंत्री अजय मुखर्जी दादा ने वाराणसी परिक्षेत्र के अपर श्रमायुक्त को पत्र लिखकर कर्मचारियों के उत्पीड़न का आरोप लगाया है.
गौरतलब है कि बनारस में दैनिक जागरण एवं आई नेक्स्ट के पत्रकारों से उनकी इच्छा के विरुद्ध प्रबंधन के लोगों ने जबरिया हस्ताक्षर करा लिए. सूत्रों ने बताया कि शनिवार को अपकंट्री के कई पत्रकारों को कार्यालय बुलाकर उनके हस्ताक्षर कराए गए. कई जिलों में नियुक्त स्टाफरों को सख्त आदेश दिया गया था कि वो बनारस स्थित कार्यालय पहुंचकर प्रबंधन द्वारा तैयार प्रोफार्मा पर हस्ताक्षर कर दें अन्यथा उन्हें इसकी सजा भुगतनी पड़ेगी. परेशान तमाम जिलों के पत्रकार कार्यालय पहुंचकर अपने हस्ताक्षर कर दिए.
इधर, बनारस के पत्रकारों के हितों के लिए लम्बी लड़ाई लड़ चुके तथा लड़ रहे योगेश गुप्ता पप्पू तथा अजय मुखर्जी दादा ने एक बार फिर जागरण प्रबंधन के खिलाफ लड़ाई लड़ने की तैयारी कर ली है. नैतिकता को ताख पर रखने वाले इस संस्थान के पत्रकारों के हित में आवाज उठाते हुए दोनों ने कर्मचारियों के उत्पीड़न की शिकायत करते हुए अपर श्रमायुक्त से उचित कार्रवाई की मांग की है. इन दोनों लोगों ने आरोप लगाया है कि जागरण प्रबंधन के कार्रवाई से औद्योगिक अशांति का माहौल बन रहा है.
गौरतलब है कि इन दोनों पत्रकार नेताओं द्वारा कई अखबारों के पत्रकारों एवं कर्मचारियों को तीस प्रतिशत अंतरिम देने की लड़ाई के मामले में दैनिक जागरण अपने पत्रकारों से जबरिया साइन करवा चुका है कि उनको अंतरिम नहीं चाहिए. आई नेक्स्ट के एक मामले में मैनेजर अंकुर चड्ढा को भी इन्हीं दोनों लोगों के चलते श्रमायुक्त के सामने गिड़गिड़ाना पड़ा था. अभी भी यह मामला पूरी तरह हल नहीं हुआ है. उसके बाद नए हस्ताक्षर अभियान ने आग में घी का काम किया है. साथ ही इस बार पत्रकार भी प्रबंधन के रवैये से अंदर ही अंदर कुपित हैं.







