: समाचार पत्र के उत्तराखंड संस्करण के लोकार्पण कार्यक्रम में बोले प्रदेश के राज्यपाल : देहरादून : उत्तराखंड के राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने गॉडविन मीडिया ग्रुप के लोकप्रिय समाचार पत्र दैनिक जनवाणी का विधिवत लोकार्पण करते हुए उम्मीद जताई कि जनवाणी समाज के सबसे निचले तबके की आवाज बनेगा। देश में पत्रकारों की दशा पर चिंता जताते हुए उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाने की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि वह केंद्र सरकार को इस बाबत पत्र भी लिख चुके हैं।
पत्रकारिता के लगभग 400 साल पुराने इतिहास का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उस दौर में पत्रकारिता बहुत मुश्किल थी। मजरूह सुल्तानपुरी के शेर जो घर को अपने जलाए/ हमारे साथ चले- सुनाकर उन्होंने कहा कि उस जमाने में पत्रकारों ने अपने खून की शमा जलाकर पत्रकारिता को जिंदा रखा। अकबर इलाहाबादी के शेर -जब तोप मुकाबिल हो तो अखबार निकालो- के जरिये उन्होंने कहा कि आजादी से पहले और बाद में कुछ सालों तक पत्रकारिता मजबूत थी। आज पत्रकारिता के मायने बदल गये हैं। छोटे पत्रकारों की स्थिति बेहद खराब है। पत्रकारों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। उन्होंने पत्रकारों की सुरक्षा के लिए कानून बनाए जाने की जोरदार वकालत की। इस बारे में उन्होंने व्यक्तिगत स्तर पर केंद्र सरकार को पत्र लिखने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि कलम पर पहरे नहीं लगने चाहिए। उन्होंने उम्मीद जाहिर कि दैनिक जनवाणी इस भीड़ से अलग हटकर बेनाम-बेचेहरा लोगों की आवाज बनेगा। समाज के सबसे निचले तबके के सीने का दर्द अखबार में दिखाई देगा।