नासिक के पत्रकार रवि पारीख ने सरकारवाडी पुलिस स्टेशन में दर्ज किए गए चार सौ बीसी के मुकदमे को फर्जी बताते हुए कहा है कि पुलिस ने सारा ड्रामा पैसों के लिए रचा. रवि ने बताया कि जिस कार को दूसरे का बताया जा रहा है वह मेरे कजिन भरत पारीख का है, जो मुंबई में रहते हैं. रवि ने बताया कि भरत ने यह गाड़ी किसी को बेच दी थी. कागज अभी ट्रांसफर नहीं हुए थे. उक्त व्यक्ति ने कार किसी गलत जगह पर खड़ी कर दी थी, जिसके चलते पुलिस कार को उठाकर थाने ले आई. इसकी जानकारी कार खरीदने वालों ने भरत भाई को दी. भरत भाई का फोन आने के बाद मैं मामले के बारे जानने के लिए पुलिस स्टेशन पहुंचा था.
रवि का कहना है कि बस इतनी से बात को कुछ लोगों ने बढ़ा चढ़ाकर लिख दिया. पुलिस ने गलत तरीके से मामला दर्ज किया है. कोर्ट में गाड़ी के लिए केस किया जा चुका है. जल्द ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा. अगर मैं गलत होता तो पुलिस अब तक अरेस्ट कर चुकी होती. इस मामला से मेरा कोई लेना देना भी नहीं था, तो फर्जी कागजात प्रस्तुत करने का सवाल कहां से पैदा होता है. पुलिस ने पैसा नहीं मिलने के चलते ये सब ड्रामा रच डाला. भरत भाई ने कोर्ट में एफिडेविट भी दे दिया है, जिससे स्पष्ट है कि इस मामले से मेरा कोई सरोकार नहीं है. उनका कहना है कि कुछ साथियों ने ही जानबूझकर मेरे खिलाफ साजिश रची और सफल रहे.


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