: कानाफूसी : राज्यसभा टीवी में इस समय सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। ऐसा लगता है जैसे राज्य सभा टीवी को एक महिला एंकर चला रही है। इनके पुराने चैनलों में भले ही इस महिला एंकर की कद्र ना समझी हो मगर राज्यसभा टीवी तो लगता है जैसे इसी के इशारों पर नाच रहा है। दरअसल सीईओ की इस महिला एंकर पर पूरी कृपा है। हालात ये हो गए हैं कि लोग इसे अब डिप्टी सीईओ तक कहने लगे हैं। इनके जलवे इस कदर हैं कि इनकी शिकायत भर से पूरे फ्रंट ऑफिस स्टाफ का तबादला पी एंड ए सेक्शन में कर दिया गया। कोई एडिटर इनके गलत को गलत कहने की जुर्रत नहीं कर सकता और सबसे मज़े की बात है कि दूसरों का प्रोग्राम गिराकर इनके प्रोग्राम का प्रोमो चलाया जाता है।
अब इन की कारगुजारियां इतनी बढ़ गयी हैं कि एमसीआर से लेकर पीसीआर, स्टूडियो से लकर ग्राफ़िक्स और सम्पादकीय के लेकर प्रोडक्शन सभी के सभी विभाग के कर्मचारी परेशान हैं, मगर सीईओ से इनकी नजदीकी के चलते कोई जबान नहीं खोल पाता। इनके कहने से वीडियो एडिटर बदल दिए जाते हैं, प्रोग्राम शेडूयुल बदल जाता है और यहाँ तक कि सहायक स्टाफ भी। इनके नखरे इतने हैं कि दफ्तर आयें ना आयें इनकी हाजिरी कभी दर्ज नहीं होती। टाइम मशीन पर सभी उपस्थिति दर्ज कराते हैं मगर ये नहीं। इनके लिए कोई कानून लागू नहीं होता। अब तो ये भी कहा जाने लगा है कि सीईओ साहब इस महिला एंकर के लिए राज्य सभा टीवी को प्राइवेट कंपनी की तरह चला रहे हैं। हाल ये है कि एंकर शूट पर शिमला में थी तो सीईओ साहब वहीँ पहुँच गए और लद्दाख में भी। अब देखिये इस जुगलबंदी से आगे अभी कितने लोगो के लिए मुसीबत आती है।





