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अपने पाठकों को भ्रामक एवं गलत सूचनाएं दे रहा है दैनिक जागरण

दैनिक जागरण लगातार अपने पाठकों को गलत और भ्रामक सूचनाएं उपलब्‍ध करा रहा है. पाठक इससे परेशान हैं. अखबार के चलते उनके खुद के सामान्‍य ज्ञान और जानकारियां प्रभावित हो रही हैं. ऐसी ही एक खबर मंगलवार को अपने लखनऊ एडिशन के 13 नम्‍बर पेज पर जागरण ने प्रकाशित की है, जिसमें पूर्व थल सेनाध्‍यक्ष वीके सिंह का नाम विक्रम सिंह लिखा और बताया गया है. जबकि वीके सिंह का असली नाम विजय कुमार सिंह हैं. ऐसे ही एक सुधि पाठक ने जागरण के ब्‍लंडर को भड़ास के पास भेजा है.

दैनिक जागरण लगातार अपने पाठकों को गलत और भ्रामक सूचनाएं उपलब्‍ध करा रहा है. पाठक इससे परेशान हैं. अखबार के चलते उनके खुद के सामान्‍य ज्ञान और जानकारियां प्रभावित हो रही हैं. ऐसी ही एक खबर मंगलवार को अपने लखनऊ एडिशन के 13 नम्‍बर पेज पर जागरण ने प्रकाशित की है, जिसमें पूर्व थल सेनाध्‍यक्ष वीके सिंह का नाम विक्रम सिंह लिखा और बताया गया है. जबकि वीके सिंह का असली नाम विजय कुमार सिंह हैं. ऐसे ही एक सुधि पाठक ने जागरण के ब्‍लंडर को भड़ास के पास भेजा है.

पाठक का कहना है कि मुरादाबाद से प्रकाशित खबर 'किसानों की सियासत फिर हुई जवान' को लिखने वाले पत्रकार ज्ञानेंद्र शर्मा का सामान्‍य ज्ञान अगर ठीक नहीं था तो उन्‍हें वीके सिंह का नाम विक्रम सिंह लिखने की बजाय वीके सिंह ही रहने देना चाहिए था. उनकी इस गलती तो तमाम लोगों को गलत सूचनाएं मिलीं. जागरण के इस भ्रामक सूचना से कई लोगों की जानकारियों पर भी प्रभाव पड़ा है. उल्‍लेखीनय है कि इसके पहले भी जागरण कई बार मनमाने तरीके से आंकड़े प्रस्‍तुत कर चुका है. आप भी देखिए जागरण की ये खबर. 


किसानों की सियासत फिर हुई जवान

ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी

मुरादाबाद : गन्ना मूल्य और रंगनाथन कमेटी की सिफारिशों पर दिग्गज नेताओं की चुप्पी से आहत किसानों की सियासत फिर जवान होना चाहती है। उम्मीद जगा रहे हैं पूर्व सेनाध्यक्ष विक्रम सिंह और किसान नेता वीएम सिंह। अन्नदाता इस बार इन नये चेहरों के नेतृत्व में यकीन करते दिख रहे हैं। संसद घेराव के मंगलवार के कार्यक्रम में गजरौला से सोमवार को किसानों का दिल्ली कूच इसका अहसास करा रहा था। सूबे की किसान सियासत की कमान सदैव से पश्चिमी यूपी के हाथ रही है। यूपी में गन्ना मूल्य घोषित न होने और केंद्र में रंगनाथन कमेटी की सिफारिशों पर राजनीतिक दलों और किसान नेताओं की स्पष्ट प्रतिक्रिया न आने के चलते किसान परेशान हैं। ऐसे में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष बीएम सिंह किसानों की आवाज उठाकर उम्मीद बनकर उभर रहे हैं। इस लड़ाई में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल विक्रम सिंह उनके रणनीतिकार हैं। इन्होंने मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर मंडलों में पिछले दिनों दौरे किए। किसानों जागरुक किया और बताया कि सियासी लोग उनका इस्तेमाल करते हैं। रामपुर, मुरादाबाद व अमरोहा में कई बार बैठकें, सभाएं कर किसानों को सियासत का नया पाठ पढ़ा चुके हैं। दो दफा जल पुरूष राजेन्द्र सिंह भी उनकी इस मुहिम में साथ दिखे। इसी क्रम में सांसद जयाप्रदा ने शनिवार को किसानों के लिए सड़क से संसद तक संघर्ष की बात कर बदलते परिवेश का और मजबूत कर दिया।


जागरण में प्रकाशित कुछ गलत तथ्‍यों की खबरों को इन लिंकों पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं –

दैनिक जागरण में प्रकाशित किस आंकड़े को सही मानें पाठक?

वाह! सरकार ने किराया बढ़ाया और दैनिक जागरण ने घटा दिया

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