कुछ युवा पत्रकार अब यह पेशा छोड़कर नए रास्तों की तलाश कर रहे हैं. तनाव, उलझन, दांवपेंच, राजनीति में उलझे मीडिया न्यूज रूम से इतर वे अपने लिए उन्मुक्त आकाश पाने की कोशिशों जुटे हुए हैं. ऐसे ही एक पत्रकार हैं कृष्ण कुमार कन्हैया. वे पिछले एक दशक से ज्यादा समय तक पत्रकारिता करने के बाद अब किसानों को आधुनिक कृषि प्रणाली सिखाने के साथ इसे अपनी आजीविका का साधन भी बनाने की दिशा में अग्रसर हैं. वे पिछले कई महीनों से किसानों के बीच रहकर उनकी समस्याओं को सुनने तथा उनका निवारण करने में जुटे हुए हैं.
मूल रूप से बेगूसराय के शाहपुर गांव के रहने वाले कृष्ण कुमार कन्हैया एक दशक से ज्यादा समय तक पत्रकारिता में जमे रहे. ईटीवी, सहारा समय, हमार टीवी, साधना टीवी, न्यूज एक्सप्रेस, मौर्य टीवी जैसे चैनल के साथ दिल्ली-नोएडा तथा पटना में काम कर चुके कृष्ण कुमार अब पत्रकारिता के इतर किसानों के बीच अपनी दुनिया ढूंढ रहे हैं. उन्होंने नौकरी को अलविदा कह कर अब एग्री क्लीनिक खोल लिया है. एग्रीकल्चर से बीएससी कृष्ण कुमार अब किसानों को खेती के आधुनिक तकनीक बताने के साथ उन्हें सरकार द्वारा दिए जाने वाले लाभ तथा हानि से भी अवगत कराएंगे.
तकनीकी रूप से सक्षम कृष्ण कुमार तकनीक के माध्यम से भी किसानों को नई जानकारियां देंगे. कृष्ण कुमार बताते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था किसानों पर निर्भर करती है. पत्रकारिता के दौरान भी मैंने देखा कि इस समाज में कोई सबसे ज्यादा उपेक्षित है तो वो किसान हैं. उनकी बेहतरी के लिए कहीं कोई कार्यक्रम या जानकारी किसी भी न्यूज चैनल पर नहीं है. हम फिल्मों के लटके झटके दिखाते हैं लेकिन किसानों की उपज कैसे बेहतर हो इस पर कोई कार्यक्रम नहीं दिखता. यह बात काफी दिनों से दिमाग में चल रहा था परन्तु कोई आखिरी निर्णय लेना थोड़ा मुश्किल हो रहा था. पारिवारिक जरूरतों के अलावा सामाजिक तौर पर इसको मान्यता मिलने जैसी बातें परेशान कर रही थीं. पर आखिरकार दिल की बात मानी और इसकी शुरुआत कर दी.
कृष्ण कुमार बताते हैं कि आगरा यूनिवर्सिटी से एग्रीकल्चर में बीएससी होने के नाते उन्हें काफी सहूलियत भी हुई है. इसी चलते मैंने एग्री क्लीनिक की स्थापना की है, जो किसानों को आधुनिक तरीके से सूचना देने का काम करेगा. इस प्रोजेक्ट के जरिए किसानों को फिल्म के जरिए प्रशिक्षित किया जाएगा. जाहिर है किसान पढ़ने-समझने से ज्यादा देखकर अमल करते हैं. इसलिए यह प्रोजेक्ट किसानों के लिए काफी असरदार हो सकता है. वे किसानों को नए तरीके से कम लागत में अधिक उपज पैदा करने के तरीके के अलावा दूसरी नकदी खेतियों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराएंगे. साथ ही तमाम ऐसी सरकारी योजनाएं जिनकी जानकारी उन तक नहीं पहुंच पाती है, उनसे भी उन्हें अवगत कराएंगे.
हाल ही में मौर्य टीवी छोड़ने के बाद उन्होंने इस एग्री क्लीनिक की स्थापना की है. इस एग्री क्लीनिक का उद्घाटन संत कुमार चौधरी ने किया, जो जयपुर में संचालित एक ट्रस्ट के डायरेक्टर हैं. सैकड़ों किसानों की उपस्थिति से उत्साहित कृष्ण कुमार कन्हैया कहते हैं कि किसानों के बीच काम करने का अलग ही मजा है. नया अनुभव मुझे भी मिल रहा है.








