उज्जैन की एक स्थानीय अदालत ने तीन पत्रकारों एवं उनके दो सहयोगी सहित पांच को लोगों को ब्लैकमेल कर लूटने के आरोप में 5-5 साल की सजा और 3-3 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई, जबकि एक आरोपी को संदेह का लाभ देकर छोड़ दिया। इनमें घटना के मुख्य आरोपी को 7 साल की सजा सुनाई गई है। उज्जैन के सप्तम अपर सत्र न्यायाधीश एके शुक्ला ने बुधवार को पत्रकार अनिल तिवारी, अभय तिरवार, सचिन गोयल तथा उनके सहयोगी मुन्ना कुशवाह एवं मोना खान को लोगों को लूटने एवं ब्लैकमेल करने के आरोप में यह सजा सुनाई।
अभियोजन के अनुसार ये सभी सदस्य अपनी सहयोगी मोना खान को किसी सुनसान जगह पर कॉलगर्ल बनाकर खड़ी कर देते थे और जब कोई ग्राहक उसे लेकर होटल जाता था तो बाद में वे नकली पुलिस बनकर वहां पहुंच जाते और उसे धमकाते थे। इसके बाद पत्रकार योजनाबद्ध ढंग से कैमरा लेकर वहां पहुंच जाते थे और उसे चैनल पर दिखाने की बात कर उसे लूट लेते थे। लगभग 3 साल पहले भी उन्होंने राजस्थान के झालावाड़ निवासी घीसूसिंह के साथ यही किया था लेकिन घीसूसिंह ने लुटने के बाद इसकी रिपोर्ट महाकाल थाने में कर दी। पुलिस ने जांच के बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला न्यायालय में पेश किया था। इन आरोपियों में मुख्य आरोपी अभय तिरवार स्थानीय समाचार पत्र का संपादक था, जबकि दो अन्य आरोपी राष्ट्रीय चैनलों से जुड़े थे। न्यायालय ने एक अन्य आरोपी दिनेश सोलंकी को संदेह के आधार पर छोड़ दिया। (भाषा)





