जो फसल मैने बोई वो काटी नही कभी, दामन में गैर की मेरी मेहनत के फल गए। यह पंक्तियां द सी एक्सप्रेस कासगंज ब्यूरो कार्यालय में तैनात रिर्पोटर अमन पठान पर सटीक बैठ रही हैं, क्योंकि समाचार संपादक राजीव दधीच ने बीते बुधवार की शाम क्राइम रिर्पोटर अमन पठान को अकारण संस्थान से निष्कासित कर दिया गया। समाचार संपादक के इस फैसले से द सी एक्सप्रेस जुड़े रिर्पोटरों में रोष व्याप्त है। कासगंज ब्यूरो कार्यालय में कर्मचारियों में किया जा रहा बदलाव संस्थान के लिए घातक साबित हो सकता है।
जिस रिर्पोटर ने द सी एक्सप्रेस को कासगंज में लीड़िग पेपर की श्रेणी में लाने के लिए कोई कसर बाकी नही छोड़ी, उसी रिर्पोटर को संस्थान ने अकारण निष्कासित कर दिया। क्राइम रिर्पोटर अमन पठान का निष्कासन जातिवाद राजनीति की चाल बताया जा रहा है। अभी कुछ दिन पहले राजीव दधीच ने कासगंज ब्यूरो कार्यालय में दो नए चेहरे ज्ञान त्रिवेदी, आर्येन्द्र यादव उर्फ गुड्डू यादव की भर्ती की है। मीडिया बाजार में अफवाह फैली हुई है कि ब्यूरो चीफ जितेन्द्र प्रताप को ज्ञान त्रिवेदी के आने के बाद हटा दिया गया है। जब इस बाबत अमन पठान से बातचीत की गई तो उन्होने बताया कि उन्हें अपने निष्कासन का कतई दु:ख नही है। पत्रकारिता में जातिवाद में सरोकार बढ़ रहा है। अफसोस सिर्फ इतना है संस्थान ने मेहनत का फल नही दिया। किसी की मेहनत का किसी को फल मिल गया है।





