नई दिल्ली। जी न्यूज चैनल में खबर रोकने के एवज में पैसे मांगे जाने के मामले में जी न्यूज के मालिक सुभाष चंद्रा एवं पुनीत गोयनका की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। दिल्ली की साकेत कोर्ट ने सुभाष चंद्रा व पुनीत गोयनका की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया है। पुलिस ने दोनों की अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए अदालत में स्टेटस रिपोर्ट सौंपी, जबकि नवीन जिंदल के अधिवक्ताओं ने अदालत में दावा किया कि उनके मुव्वकिल को लगातार धमकाया जा रहा है।
गौरतलब है कि साकेत कोर्ट में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्राच की अर्जी पर कोर्ट ने आरोपी सुधीर व समीर को फिर से एक दिन के रिमांड पर देने की मांग मंजूर कर ली है। दोनों को आठ दिसम्बर को पेश होना है। पुलिस ने कहा था कि दोनों संपादकों को सुभाष चंद्रा के सामने बैठाकर पूछताछ करनी है। सुभाष चंद्रा एवं पुनीत गोयनका को पुलिस ने नोटिस जारी करके आठ दिसम्बर को पेश होने को कहा है। इसके चलते ही एहतियात बरतते हुए सुभाष चंद्रा एवं पुनीत गोयनका ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
पुलिस पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जरूरत पड़ने पर इन लोगों को भी अरेस्ट किया जा सकता है। इसी डर की वजह से इन दोनों लोगों ने अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। संभावना है कि इस पर फैसला शाम तक आएगा। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने गत दो अक्टूबर सासद नवीन जिंदल की कंपनी जिंदल स्टील पावर लिमिटेड (जेएसपीएल) की शिकायत पर जी न्यूज चैनल के संपादक सुधीर चौधरी और जी बिजनेस के संपादक समीर आहलुवालिया के खिलाफ साजिश रचने व वसूली करने का आपराधिक मामला दर्ज किया था। शिकायत में कहा गया था कि दोनों संपादकों ने कोल आवंटन से संबंधित खबरें नहीं दिखाने के लिए बतौर विज्ञापन सौ करोड़ रुपये की माग की। क्राइम ब्राच ने 27 नवंबर को दोनों संपादकों को गिरफ्तार किया था, तब से वे तिहाड़ जेल में हैं।






