दैनिक जागरण व दैनिक भास्कर को बाहरी अखबार बताकर पंजाब में उतरे पंजाब की शक्ति का लुधियाना हेडक्वार्टर भी खाली होने लगा है। अमृतसर, जालंधर, लुधियाना व बठिंडा कार्यालय के साथ पूरे मालवा में कामकाज ठप हो चुका है। अब पिछले एक सप्ताह से लुधियाना के बीआरएस नगर में खुला शक्ति का कार्यालय खाली खाली पड़ा है।
बताया जा रहा है कि डेस्क का अधिकांश स्टाफ छुट्टी पर जा चुका है। डेस्क के स्टाफ को अफवाहों पर ध्यान न देकर काम की सलाह देने वाले भास्कर छोड़कर चीफ सब एडिटर के तौर पर पंजाब की शक्ति ज्वाइन करने वाले बलराज मोड खुद घर बैठकर अपने फैसले के वक्त को कोस रहे हैं। लुधियाना व अमृतसर में फील्ड में काम कर रहे दूसरे अखबारों में काम तलाश रहे हैं। बताया जा रहा है कि दैनिक भास्कर व दैनिक जागरण छोड़कर अधिक रुपयों की उम्मीद में पंजाब की शक्ति ज्वाइन करने वाले डेस्क व फील्ड कर्मचारियों का करियर बर्बाद हो गया है और वह इस सदमे से उबर नही पा रहे हैं।
अखबार के एमडी राजेश शर्मा और संपादक नवीन गुप्ता के चक्कर में करियर बर्बाद करने वाले कर्मचारी अब खुद को ठगा सा महसूस कर रहे हैं। पता चला है कि अखबार की लांचिंग से अब तक जुडे किसी भी कर्मचारी को एमडी राजेश शर्मा ने जेब से फूटी कौड़ी नहीं दी। बाजार में बुकिंग का जो लाखों रुपया जमा हुआ, उसी से सामान, खरीदकर दफ्तर सजा दिया गया। यह भी बताया जा रहा है कि संपादक नवीन गुप्ता व दूसरे कई वरिष्ठों को खुद वेतन नहीं मिला है और वह फील्ड में सप्लीमेंट निकालकर अपने वेतन का जुगाड़ करने वाले फील्ड जर्नलिस्टों से पहले मान-मनौव्वल और अब कोर्ट केस व कंपनी के नियम कानून समझकर रुपये निकालने के चक्कर में लगे हुए हैं ताकि उनके पल्ले कुछ पड़ सके।
बाजार में मोटी बुकिंग के बावजूद अखबार न आने से पाठक भी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। जिला स्तरों पर टीम काम छोड़ चुकी है और अगर कोई पाठक सर्कुलेशन इंचार्ज, संपादक और एमडी के फोन पर कॉल करता है तो कोई फोन ही नहीं उठाता। बताया जा रहा है कि मालवा व माझा क्षेत्र में बुकिंग ज्यादा थी, इसलिए पाठक अब पुलिस कंपलेंट और कोर्ट केस का मन बना रहे हैं। यह भी पता चला है कि बुकिंग करने वाले पत्रकारों से वह कोर्ट और पुलिस के पास पाठकों के हक में बयान देने के लिए फोन पर टाईअप कर रहे हैं। अगर ऐसा हुआ तो फिर एमडी राजेश शर्मा और संपादक नवीन गुप्ता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं और दोनों पर जल्द से जल्द दोबारा अखबार बाजार में लाने का दबाव बन रहा है।