नई दिल्ली। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) सहारा के मामले में कोई कोताही नहीं बरतना चाहता। सेबी ने सभी बैंकों से कहा कि वह सहारा समूह व इसके निर्देशक व प्रोमोटर्स के सभी खातों की जानकारी उपलब्ध कराएं। इस मामले में आरबीआई, ईडी और वित्तीय खुफिया इकाई से भी सेबी ने मदद देने की बात कही है। सेबी ने देश के सभी बैंकों से कहा है कि सहारा समूह के सभी बैंक खातों की पूरी जानकारी बोर्ड को दें।
सेबी ने यह भी कहा है कि इसके सभी निर्देशकों व प्रोमोटर्स के खातों के विवरण भी उपलब्ध करवाएं। अन्य संस्थाओं से भी मदद मांगी है ताकि इस मामले की तह तक पहुंचा जा सके। गौरतलब है कि सहारा समूह की दो रियल एस्टेट कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉर्पोरेशन और सहारा हाउसिंग इनवेस्टमेंट कॉर्पोरेशन ने कनवर्टेबल डिवेंचर के जरिए निवेशकों से 24 हजार करोड़ रुपये जमा करवाए थे। सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी सेबी ने इन दोनों कंपनियों के कामकाज को गैरकानूनी करार देते हुए निवेशकों के पैसे लौटाने को कहा था।
सहारा सेबी के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन इसी साल अगस्त में सुप्रीम कोर्ट ने सेबी के फैसले को सही ठहराते हुए सहारा से निवेशकों के 24 हजार करोड़ रुपये 15 फीसदी ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया, जो रकम लगभग 27 हजार करोड़ रुपये के आसपास है। सहारा समूह को सात फरवरी तक तीन किस्तों में अपने निवेशकों को यह सारी रकम लौटानी है। इसे देखते हुए सेबी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता।





