भोपाल। पत्रकारों के संयुक्त आंदोलन के लिए प्रदेश भर में समर्थन जुटने लगा है और जनसंपर्क संचालनालय का विरोध व्यापक होता जा रहा है। राजधानी से निकली बगावत की आवाज तमाम महानगरों, जिलों-कस्बों से होते हुए तहसील और गांवों तक जा पहुंची है और राज्य के कोने-कोने से जनसंपर्क संचालनालय की उन भेदभावपूर्ण तथा पक्षपातपूर्ण नीतियों के खिलाफ आवाज उठने लगी है, जिनके चलते प्रदेश का आम पत्रकार स्वाभिमान की जिंदगी जीने तक से मोहताज है।
जनसंपर्क संचालनालय में विज्ञापनों के लिए किए जाने वाले भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और पहुंच वालों के दबदबे के विरोध में तमाम पत्रकार लामबंद होने लगे हैं। विभिन्न पत्रकार संघों के बैनर तले संचालित जिलों-नगरों में सक्रिय इकाइयों ने संगठित होकर भोपाल चलो का नारा दे दिया है और हजारों पत्रकार भोपाल पहुंचने के लिए कूच करने लगे हैं। प्रदेश भर के पत्रकारों ने ठान लिया है कि राजधानी जाकर उन्हें अपनी आवाज जोरदार ढंग से बुलंद करनी है और अपना हक लेकर ही वापस लौटना है, फिर चाहे सरकार जेलों में डाले, या हिंसा का सहारा ले। एकजुटता का परिचय देते हुए सभी ने ऐलान कर दिया है कि हम अपने लिए अधिमान्यता किसी भी कीमत पर हासिल करेंगे, विज्ञापनों में अपना हिस्सा लेंगे और आवास, चिकित्सा, बीमा, बच्चों की शिक्षा, और पेंशन जैसे मूलभूत अधिकार पाकर रहेंगे।
कोर कमेटी के सदस्य श्री पाल ने बताया कि आज रात तक प्रदेश के कोने-कोने से लगभग 500 पत्रकारों का जत्था भोपाल पहुंचेगा। इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद संभाग एवं जिलों से पत्रकार चार पहिया वाहानों से भोपाल सुबह 10 बजे तक पहुंचेंगे। इस आंदोलन में लगभग पांच हजार से भी अधिक पत्रकार एवं प्रेस के कर्मचारी शामिल होने की उम्मीद है। दिनांक 10 दिसम्बर 2012 दिन सोमवार को 10 सुबह 11 बजे पत्रकार भवन के सामने सभी पत्रकार एकत्रित होकर 11.30 बजे रैली के के रूप में न्यूमार्केट, न्यू मार्केट थाना, रंगमहल होते हुए जनसंपर्क कार्यालय के तिराहे पर गिरफ्तारी देकर जनसंपर्क मंत्री को ज्ञापन सौपेंगे।






