नई दिल्ली : आईटी एक्ट के सेक्शन 66 ए के खिलाफ कार्टूनिस्ट असीम त्रिवेदी एवं उनके सहयोगी आलोक दीक्षित जंतर मंतर पर शनिवार से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं. सोमवार को अनशन का तीसरा दिन है. न्यू मीडिया में अभिव्यक्ति की आजादी चाहने वाले सैकड़ों लोग जंतरमंतर पहुंच कर असीम और आलोक का हौसला आफजाई कर चुके हैं. असीम का कहना है कि धारा 66 ए का हटना जरूरी हो गया है. यह सेक्शन अभिव्यक्ति की आजादी के लिए खतरा है.
असीम ने कहा कि वर्ष 2008 में इस कानून को जल्दबाजी में बनाया गया औ महज 15 मिनट में आठ कानून पास किए गए, जिसमें सेक्शन 66ए भी शामिल था. उन्होंने कहा कि सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर कमेंट करने व उसे लाइक करने के मामले में तीन साल की सजा और पांच लाख रुपये के जुर्माना का प्रावधान है, आखिर यह कैसी कानून व्यवस्था है. देश की आम जनता के बीच भय पैदा करने वाले इस कानून को हटाया जाना नितांत जरूरी है.
राजनेताओं पर प्रहार करते हुए असीम ने कहा कि कई राजनेता मनमाने तरीके से भाषण और व्यक्तव्य देकर देशवासियों की भावनाओं को आहत करते हैं लेकिन उनके खिलाफ किसी सजा का प्रावधान नहीं है. कैसा लोकतंत्र है कि इसमें लोक को तंत्र डराने पर तुला हुआ है. पुलिस ने असीम को जंतर मंतर से हटाने की कोशिश भी की. अनशन स्थल पर कई पत्रकार और न्यू मीडिया के लोग भी पहुंचे न्यूज एक्सप्रेस के वरिष्ठ पत्रकार संजीव चौहान, भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह भी जंतर मंतर पहुंचकर असीम और आलोक को अपना समर्थन दिया.

यशवंत ने तो फेसबुक पर भी असीम का समर्थन करने की अपील की है. यशवंत लिखते हैं, ''जंतर-मंतर पर हमारे-आपके लिए असीम त्रिवेदी और उनकी टीम आमरण अनशन पर है. आईटी एक्ट की धारा 66A को हटाने की मांग है. ये ऐसी धारा है जिसमें कोई भी कभी फेसबुक यूजर, ट्विटर यूजर, बलागर, वेब संचालक तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है… मैं कल भी जंतर-मंतर गया था और आज भी अभी वहीं से लौटा हूं… उम्मीद है एनसीआर वाले साथी जरूर जंतर मंतर जाएंगे… अगले कई रोज असीम वहीं बैठे मिलेंगे.''

सोमवार को असीम के अनशन का तीसरा दिन है. संभावना है कि स्वतंत्रता की अभिव्यक्ति की पैरोकारी करने वाले तमाम लोग जंतर मंतर पहुंच कर असीम का हौसला बढ़ाएंगे. दूसरी तरफ पुलिस असीम को जबरदस्ती अनशन से हटाने की कोशिशों में जुटी हुई है. असीम और आलोक किसी भी स्थिति में अपना अनशन खतम करने या हटने को तैयार नहीं हैं.






