समय रात करीब 9 बजे। तारीख 10 दिसंबर 2012। स्थान नई दिल्ली जिले में स्थित जंतर-मंतर पर मौजूद एक अनशन स्थल। अनशन पर बैठे हैं बिग बॉस फेम असीम त्रिवेदी अपने सहयोगी और हमशक्ल आलोक दीक्षित के साथ। आईटी कानून की "धारा-66ए" को खत्म कराने की मांग लेकर। 10 दिसंबर को अनशन का तीसरा दिन पूरा हो गया। मुझे पता चला कि कुछ बच्चे भी असीम का उत्साहवर्धन करने पहुंचे हैं। वे बच्चे जो नहीं जानते कि धारा-66ए क्या है? कैसे इस धारा का बेजा इस्तेमाल करती है पुलिस? कैसे धारा 66ए का इस्तेमाल कराती है या करा सकती है सरकार, सरकारें? अपना उल्लू साधने के लिए? किसी को मुंह खोलने पर कैसे बंद कर सकती है धारा 66ए किसी की जुबान बंद?
इन तमाम सवालों से अनजान बच्चे आलोक दीक्षित और असीम त्रिवेदी को घेर लेते हैं। आईटी एक्ट की धारा 66ए के बारे में बच्चे कुछ नहीं जानते हैं। फिर भी बच्चे असीम से सवाल दागते हैं अंकल आप स्ट्राइक (अनशन) पर क्यों हैं? असीम और आलोक बच्चों को उन्हीं की भाषा में समझाते हैं। बताते हैं कि कैसे सरकार और पुलिस आम इंसान के बोलने पर पाबंदी लगाने में दुरुपयोग करती है कानून का? बच्चों की समझ में कितना आया, कितना नहीं आया, ये बाद की बात है। हां असीम और आलोक की बात वे सुनते ध्यान से हैं। और एक के बाद एक सवाल दागते रहते है। रात का समय होने के कारण अनशन स्थल पर भीड़ भी ज्यादा नहीं है। सो बच्चे और आलोक-असीम एक दूसरे के साथ ऐसे घुल-मिल जाते हैं, जैसे मानों दोस्ती या परिचय काफी पुराना है।

असीम त्रिवेदी और आलोक दीक्षिक अनशन स्थल पर बच्चों के साथ अभी बातचीत कर ही रहे होते हैं, तभी उनके आस-पास दो लोग चक्कर काटने लगते हैं सड़क पर। एक की उम्र यही कोई 55-58 साल रही होगी और दूसरे की आयु 30 साल के आसपास। देखने से वे पिता-पुत्र मालूम पड़ते हैं। अनशन स्थल से कुछ दूर जाने के बाद वे दुोनो वापिस असीम त्रिवेदी और मेरी ओर लौटकर आते हैं।
असीम से मुखातिब होता हुआ बुजुर्ग के साथ खड़ा युवक सवाल दागता है….
आप तो बिग बॉस में थे न….क्या नाम है आपका!
जबाब मैं देता हूं….असीम त्रिवेदी…
युवक और उसके साथ खड़े बुजुर्ग सज्जन कहते हैं…हां…हां…आपको हम लोगों ने देखा है बिग बॉस में…टीवी पर..
इतने में ही बुजुर्ग सज्जन दूसरा सवाल असीम और आलोक दीक्षित की ओर फेंकते हैं…
आप लोग इतनी रात को यहां जंतर मंतर पर क्या कर रहे हैं?
इस बार जबाब असीम त्रिवेदी देते हैं
"हम लोग आईटी कानून की धारा 66ए को खतम करने और उसका दुरुपयोग रोकने के लिए अनिश्चितकालीन अनशन और भूख हड़ताल पर बैठे हैं।"
असीम को बीच में ही बुजुर्गवान रोकते हुए पूछते हैं..
यह आईटी क्या होता है?
असीम बताते हैं आईटी मतलब सूचना तकनीक कानून (इनफोर्मेशन टेक्नोलॉजी कानून)…फिर वे महाशय बीच में ही असीम को बोलने से रोक देते हैं, और कहते हुए बिना दुआ-सलाम अपने रास्ते पर बढ़ जाते हैं ….ओ हो आईटी मतलब इनकम टैक्स नहीं….सॉरी…मैं समझा इनकम टैक्स…

असीम, आलोक और मैं आगे कुछ बोल पायें, इससे पहले ही वे बुजुर्ग सज्जन अपने सुपुत्र के साथ सड़क पर आगे बढ़ जाते हैं। बिना इससे कोई सरोकार रखे, कि सरकार अपनी पर उतर आने पर कैसे गला दबाती है इस देश के आम नागरिक का? मैंने चूंकि खुद सब कुछ अपनी आंखों से देखा था। अपने कानों से सुना था। जंतर-मंतर की एक बानगी देखी थी अपनी आंख से। अगर ये जंतर-मंतर कुछ लोगों को भूखा रखता है अपनी चाहतों की पूर्ति के लिए। जैसे असीम त्रिवेदी और आलोक दीक्षित। तो कुछ लोगों के लिए यही जंतर-मंतर महज एक सैरगाह से ज्यादा कुछ भी नहीं है। जो इस बात में ज्यादा रुचि नहीं रखते हैं कि इनकम टैक्स और आईटी एक्ट में क्या फर्क है?
वरिष्ठ पत्रकार संजीव चौहान के फेसबुक वॉल से साभार.






