नई दिल्ली। कोल ब्लॉक आवंटन धांधली में जिंदल कंपनी के खिलाफ खबर न प्रसारित करने के लिए सौ करोड़ मांगने के मामले में नामजद जी समूह के चेयरमैन सुभाष चंद्रा का कहना है कि वह लाई डिटेक्टर टेस्ट को तैयार हैं बशर्ते जिंदल कंपनी के चेयरमैन व कांग्रेस सांसद नवीन जिंदल का भी टेस्ट कराया जाए। दूसरी तरफ, चैनल के गिरफ्तार दोनों संपादकों ने टेस्ट कराने से इन्कार कर दिया है। हालांकि वे दिल्ली पुलिस को अपनी आवाज का नमूना देने के लिए तैयार हैं।
साकेत कोर्ट ने सुभाष चंद्रा को गुरुवार को अदालत में पेश होने को कहा है। दोनों संपादकों सुधीर चौधरी व समीर अहलूवालिया के खिलाफ भी पेशी वारंट जारी कर कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया है। महानगर दंडाधिकारी गौरव राव ने कहा कि चंद्रा के वकील विजय अग्रवाल ने बताया है कि चंद्रा ने लाई डिटेक्टर टेस्ट से गुजरने के लिए कुछ शर्ते रखीं हैं। सुभाष चंद्रा को गंभीर बीमारी है, जिसका अमेरिका और लंदन में इलाज चल रहा है। टेस्ट कराने से पहले उनके डॉक्टरों से स्वीकृति जरूरी है। उन्होंने जांच अधिकारी से लाई डिटेक्टर टेस्ट की प्रक्रिया में इस्तेमाल की जाने वाली दवाइयों के बारे में जानकारी मांगी है।
विजय अग्रवाल ने सुभाष चंद्रा का पासपोर्ट 30 दिन के लिए वापस दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि डॉक्टरों से संपर्क करने के लिए उन्हें लंदन व न्यूयार्क जाना है। उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी ने चंद्रा व दोनों संपादकों का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग तो की पर नवीन जिंदल का टेस्ट कराने की मांग नहीं की। सच्चाई मालूम करने के लिए नवीन जिंदल का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने की मांग भी करनी चाहिए। (जागरण)






