रायबरेली से खबर आ रही है कि यूपी की अराजक पुलिस ने पत्रकारों पर लाठी चार्ज करवाया है. बताया जा रहा है कि टीईटी का फार्म भरने के लिए अभ्यर्थियों की भारी भीड़ लगी थी. रायबरेली कोतवाली पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के नाम पर युवकों पर जमकर लाठियां चटकाईं. इस खबर की जानकारी होते ही कुछ पत्रकार मौके पर पहुंचे तथा खबर कवरेज के बाद कोतवाल की बाइट लेने गए. कोतवाल ने बदतमीजी की तथा कहा कि तुम सब लोगों को भी गिराकर यहीं पीटेंगे. उसने पत्रकारों को अपशब्द बोलते हुए कोतवाली से बाहर निकलने को कहा.
कोतवाल के इस व्यवहार से पत्रकार हतप्रभ रह गए. वे इसके विरोध में लामबंद हो गए तथा कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया. इसकी सूचना एसपी प्रेम नारायण को भी दी गई. पत्रकारों से बात करने की बजाय पुलिस अधीक्षक ने लाठी चार्ज करवा दिया. स्थानीय पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स ने पत्रकारों पर जमकर लाठियां भांजी. खबर है कि लाठीचार्ज में कई पत्रकार गंभीर रूप से घायल हुए हैं. पत्रकारों के साथ इस रवैये की निंदा पूरे प्रदेश के पत्रकार कर रहे हैं. पत्रकारों ने कहा है कि जिस तरह से अखिलेश यादव के राज में पत्रकारों का उत्पीड़न बढ़ा है और पुलिस एवं प्रशासनिक अमला निरंकुश हुआ है, वो लोकतंत्र के लिए खतरा है.





