देवरिया। अमर उजाला ब्यूरो कार्यालय में इन दिनों जबर्दस्त तनाव देखने को मिल रहा है. पिछले दिनों आरोप लगा था कि रिपोर्टर ऋषिकेश तिवारी ने सरेआम मीटिंग में अपने सहयोगियों को गाली दी. ब्यूरोचीफ के सामने सबकुछ हुआ और वे मूकदर्शक बने रहे. अब खबर है कि ऋषिकेश पर ये आरोप लगाया गया कि वे अपने मित्र तथा रिश्तेदारों को सप्लाई विभाग से दबाव दिलवाकर कंट्रोल रेट पर गैस सिलेण्डर दिलवाते हैं, तो उन्होंने अपने सहकर्मी पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल तान दी.
बताया जा रहा है कि देवरिया में माहौल खराब होने के कारण बने हैं डीएनई विवेकानंद. डीएनई मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं तथा किसी प्रकार से इस जिले में अपना वर्चस्व कायम रखना चाहते हैं, लिहाजा वे ही ऋषिकेश को शह देकर माहौल को बिगाड़ रखा है. बताया जा रहा है कि गैस सिलेण्डर प्रकरण के बाद ब्यूरोचीफ ने ऋषिकेश को भला-बुरा कहा तो उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. बताया जा रहा है कि विवेकानंद उर्फ पिताजी के पास जब यह खबर पहुंची तो उन्होंने देवरिया के स्टाफ को जमकर हड़काया. जिसके बाद ऋषिकेश को मनाने का खेल शुरू हो गया है. बताया जाता है कि विवेकानंद का बरदहस्त प्राप्त होने के चलते ही ऋषिकेश साथियों की मां-बहन करते रहते हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती है. सूत्रों का कहना है कि अभी तक यह मामला संपादक प्रभात सिंह के संज्ञान में नहीं लाया गया है. मामले को निचले स्तर पर ही सलटाने की कोशिश की जा रही है.





