नयी दिल्ली. दिल्ली उच्च न्यायालय ने व्यवस्था दी है कि किसी संस्था में खाली पद पर भर्ती के लिए चयन मंडल द्वारा चयनित उम्मीदवार को संबंधित पद पर नियुक्त नहीं किया जाना अनुचित है। न्यायमूर्ति सुरेश कैत की एकल पीठ ने सुधीर हिलसायन बनाम डॉ. अम्बेडकर फाउंडेशन एवं अन्य के मामले में याचिकाकर्ता की रिट याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि बगैर किसी वैध कारण के किसी चयनित उम्मीदवार को संबंधित पद पर नियुक्त नहीं किया जाना न्यायोचित नहीं है।
न्यायालय ने कहा ..केवल बेहतर व्यक्ति की तलाश में 2006 से पद खाली रखना और याचिकाकर्ता को नियुक्त नहीं किया जाना न्यायोचित नहीं है। प्रतिवादी ने खुद ही चयनित उम्मीदवार को नियुक्त कर लिया होता तो न्यायालय को हस्तक्षेप का कोई मौका नहीं मिलता। एकल पीठ ने आदेश प्राप्ति के चार सप्ताह के भीतर दलित वर्ग से ताल्लुकात रखने वाले याचिकाकर्ता को संबंधित पद पर नियुक्त करने का निर्देश दिया। उल्लेखनीय है कि चयन प्रक्रिया के दौरान योग्य पाये जाने के बावजूद याचिकाकर्ता को छह साल के बाद भी संबंधित पद पर नियुक्त नहीं किया गया, जिसके खिलाफ उन्होंने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।





