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गलत खबर के लिए आईबीएन7 को चैनल पर पांच दिन तक खेद प्रकट करना होगा

चंडीगढ़। समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण (एनबीएसए) ने राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को गांव उल्लावास, जिला गुडग़ांव में आवंटित भूमि को लेकर पहली अगस्त, 2011 को प्रसारित समाचार के मामले में टीवी-18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड को समाचार प्रसारण मानक आचार संहिता तथा प्रसारण मानकों के उल्लंघन का दोषी माना है और प्रसारक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। टीवी-18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड द्वारा सीएनएन-आईबीएन और हिंदी न्यूज चैनल आईबीएन 7 का संचालन किया जाता है।

चंडीगढ़। समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण (एनबीएसए) ने राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को गांव उल्लावास, जिला गुडग़ांव में आवंटित भूमि को लेकर पहली अगस्त, 2011 को प्रसारित समाचार के मामले में टीवी-18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड को समाचार प्रसारण मानक आचार संहिता तथा प्रसारण मानकों के उल्लंघन का दोषी माना है और प्रसारक पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। टीवी-18 ब्रॉडकास्ट लिमिटेड द्वारा सीएनएन-आईबीएन और हिंदी न्यूज चैनल आईबीएन 7 का संचालन किया जाता है।

समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण के चेयरमैन जस्टिस जेएस वर्मा (सेवानिवृत्त) ने आदेश दिया है कि इस मामले में दोनों चैनलों द्वारा खेद प्रसारित किया जाये और प्रसारक को एक लाख रुपये का जुर्माना समाचार प्रसारण मानक प्राधिकरण को अदा करना होगा। प्राधिकरण ने अपने आदेशों में कहा है कि प्रसारक को अपने चैनलों पर लगातार पांच दिन  (24 दिसम्बर, 2012 से लेकर 28 दिसम्बर, 2012) तक पूरी स्क्रीन पर बड़े फोंट साइज़ में वॉयस ओवर के साथ धीमी गति में खेद प्रसारित करना होगा, जिसमें कहा जाए कि ‘आईबीएन-7 इस बात के लिए गहरा खेद व्यक्त करता है कि राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट को गांव उल्लावास, जिला, गुडग़ांव में आवंटित की गयी भूमि के बारे में प्रसारित खबरों में इस मामले की गलत और भ्रामक तस्वीर पेश की गई। सुनवाई के दौरान आईबीएन-7 ने स्पष्ट किया कि उन्हें खेद है कि इस खबर को दिखाने से पहले राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट का पक्ष नहीं लिया गया।

प्राधिकरण ने यह भी कहा कि कार्यक्रम की रिपोर्ट में ‘स्पष्ट रूप से पक्षपात तथा निष्पक्षता की कमी’ पाई गई। यह चैनल की प्रमोशन तथा छवि सुधारने के प्रयोजन से ‘सनसनी फैलाने’ का एक उदाहरण है जो गलत है। यह आदेश राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा प्रसारक के खिलाफ दायर की गई शिकायत पर दिए गए हैं। प्रसारक द्वारा ट्रस्ट को गुडग़ांव में प्रस्तावित आंखों के चैरिटेबल अस्पताल के संबंध में कथित रूप से जमीन आवंटित करने के संबंध में पहली अगस्त, 2011 को समाचार प्रसारित किया था, जिसमें जमीन के सौदे को संदेहास्पद बताया गया था। (ट्रिब्‍यून)

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